सर्दियों में त्वचा पहले ही नमी खो देती है। ऐसे में केमिकल-युक्त या ज्यादा झाग बनाने वाले साबुन त्वचा की प्राकृतिक ऑयल लेयर को पूरी तरह हटा देते हैं, जिससे ड्राइनेस और बढ़ जाती है। इसलिए साबुन से नहाना मना नहीं है, लेकिन साबुन का चुनाव और इस्तेमाल का तरीका बेहद ज़रूरी है।
सर्दियों में नहाने के लिए मॉइस्चराइजिंग साबुन चुनें। ऐसे साबुन जिनमें ग्लिसरीन, शिया बटर, कोकोआ बटर, एलोवेरा या ऑलिव ऑयल हो, वे त्वचा की नमी बनाए रखते हैं।
कम झाग और pH बैलेंस्ड साबुन त्वचा को साफ तो करते हैं, लेकिन उसका नेचुरल ऑयल नहीं छीनते।
नीम, चंदन, दूध, शहद और घी से बने साबुन सर्दियों में त्वचा के लिए ज्यादा अनुकूल माने जाते हैं।
तेज खुशबू वाले या एंटी-बैक्टीरियल हार्श साबुन सर्दियों में त्वचा को और ज्यादा रूखा बना सकते हैं।
अगर आपकी त्वचा बहुत ज्यादा ड्राई है, तो साबुन की जगह सिंडेट बार, बॉडी वॉश (माइल्ड) या उबटन भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं। आयुर्वेद में बेसन, दूध और हल्दी से बने उबटन को सर्दियों के लिए आदर्श माना गया है।
डर्मेटोलॉजिस्ट और आयुर्वेद, दोनों मानते हैं कि सर्दियों में साबुन से नहाना पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन गलत साबुन का इस्तेमाल त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।