बदलते मौसम के साथ चेहरे पर कुछ न कुछ परेशानियां दिखने लगती हैं। ऑयली या ड्राई स्किन होने की वजह से चेहरे पर दाग-धब्बे और मुहांसे परेशान करने लगते हैं। ऐसे में केमिकल से भरे प्रोडक्ट चेहरे को ज्यादा खराब कर देते हैं, लेकिन हमारे आयुर्वेद में मुल्तानी मिट्टी को चेहरे के हर रोग की दवा बताया गया है।
चेहरे से जुड़ी हर परेशानी का हल मुल्तानी मिट्टी है, बस इसे कैसे और किसके साथ मिलाकर इस्तेमाल करना है, ये जानना बहुत जरूरी है। सबसे पहले तो ये जान लें कि मुल्तानी मिट्टी को हफ्ते में दो बार ही लगाएं।
आयुर्वेद में मुल्तानी मिट्टी को मृत्तिका कहा जाता है और इसकी तासीर बहुत ठंडी होती है। आयुर्वेद में चेहरे के सौंदर्य को बढ़ाने के लिए मुल्तानी मिट्टी को सबसे पहले रखा गया है।
इसमें त्वचा से तेल और गंदगी को बाहर निकालने व रोगों से लड़ने की शक्ति होती है और इसमें मौजूद रोगनाशक तत्व मुहांसे को कम करते हैं।
अगर चेहरे पर बहुत ज्यादा मुहांसे हैं तो मुल्तानी मिट्टी को नीम के पाउडर और गुलाब जल के साथ मिलाकर पेस्ट बनाकर हफ्ते में दो बार लगाना चाहिए। इससे धीरे-धीरे मुंहासे कम होने लगते हैं और दाग भी कम होते हैं।
अगर ऑयली स्किन की वजह से चेहरे पर एक्ने की समस्या परेशान कर रही है तो इसके लिए मुल्तानी मिट्टी को चंदन पाउडर और खीरे के रस के साथ मिलाकर लगाएं। इससे चेहरे का ऑयल कम होगा और चेहरे पर ग्लो भी आएगा।
सनबर्न की समस्या होने पर टमाटर का रस और एलोवेरा जल को मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर लगाना चाहिए। इससे स्किन को ठंडक मिलती है और सनबर्न से होने वाली जलन भी कम होगी।
बढ़ती झुर्रियों पर विराम लगाने के लिए आंवला पाउडर और गुलाब जल को मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर लगाना चाहिए। इससे त्वचा में कसाव आता है और स्किन में नई चमक आ जाती है।