ये दोनों ही त्वचा में नमी और पोषण बनाने के लिए होते हैं। सीरम हल्का और पानी या जेल बेस्ड फॉर्मूला वाला होता है। इसमें एक्टिव इंग्रेडिएंट्स अधिक होते हैं। वहीं मॉइश्चराइजर गाढ़ा, क्रीमी फॉर्मूला होता है जो त्वचा में नमी लॉक करता है।
सीरम नया टेक्नीकल फॉर्मूला माना जाता है जो गहराई तक जाकर त्वचा की विशेष समस्याओं पर काम करता है। त्वचा के लिए पॉपुलर सीरम में हायल्यूरॉनिक एसिड, विटामिन C, नायसिनामाइड, रेटिनॉल आदि पॉपुलर विकल्प हैं।
मॉइश्चराइजर का काम त्वचा को नरम बनाने और नमी को लंबे समय तक बंद रखने का होता है। इसके मेन इंग्रीडिएंट्स शिया बटर, स्क्वालेन, ग्लिसरीन, पेट्रोलैटम आदि माने जाते हैं। यह सीरम की तुलना में गाढ़ा होता है।
सर्दियों में ठंड की वजह से मौसम में नमी कम होती है और इसकी वजह से त्वचा में रूखापन बढ़ जाता है। ऐसे में सिर्फ सीरम काफी लगाना काफी नहीं होता। स्किन में नमी बनाए रखने के लिए मॉइश्चराइजर की जरूरत बढ़ जाती है।
सबसे पहले चेहरा साफ करें। फिर हाइड्रेटिंग सीरम (जैसे हायल्यूरॉनिक एसिड) लगाएं। पांच मिनट के बाद ऊपर से रिच मॉइश्चराइजर लगाएं।
जब त्वचा रूखी, खिंची हुई या ड्राई पैच वाली हो तो मॉइश्चराइजर काम आएगा। इसे सर्दियों में रोजाना नहाने के तुरंत बाद लगाना चाहिए ताकि नमी सील हो सके।
अगर त्वचा बहुत डिहाइड्रेटेड है या फिर पिगमेंटेशन, डलनेस या एंटी-एजिंग की समस्या है तो सीरम काम करेगा। दरअसल इस स्थिति में त्वचा को हल्का और तेजी से सोख ने वाला स्किनकेयर चाहिए होता है।