सुबह उठते ही गले में बलगम क्यों आता है? जानें पोस्ट नेजल ड्रिप, एलर्जी, एसिड रिफ्लक्स और साइनस समेत 7 संभावित कारण
नाक और साइनस में बनने वाला म्यूकस जब गले के पिछले हिस्से में बहने लगता है, तो इसे पोस्ट नेजल ड्रिप कहते हैं। रातभर लेटे रहने से सुबह गले में बलगम ज्यादा महसूस हो सकता है। इसके कारण बार-बार गला साफ करने या खांसने की जरूरत पड़ सकती है।
अगर सुबह उठते ही गले में बलगम के साथ छींकें आती हैं या नाक बंद रहती है, तो इसकी वजह एलर्जी हो सकती है। तकिए, गद्दे और बिस्तर में मौजूद डस्ट माइट्स, धूल या पालतू जानवरों के बाल एलर्जी बढ़ा सकते हैं। इससे नाक में म्यूकस ज्यादा बनने लगता है।
रात में पेट का एसिड ऊपर गले तक पहुंचने से भी सुबह बलगम जैसा एहसास हो सकता है। इसे लैरिंगोफैरिंजियल रिफ्लक्स यानी LPR कहते हैं। इसमें सीने में जलन होना जरूरी नहीं है। सुबह आवाज भारी होना, गले में कुछ अटका महसूस होना और बार-बार गला साफ करना इसके संकेत हो सकते हैं।
दिनभर पर्याप्त पानी न पीने से गले और नाक का म्यूकस गाढ़ा हो सकता है। रात में कई घंटों तक पानी नहीं पीने के कारण सुबह यह ज्यादा चिपचिपा महसूस हो सकता है। खासकर एसी वाले कमरे या कम नमी वाले वातावरण में सोने से परेशानी बढ़ सकती है।
साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर नाक में ज्यादा म्यूकस बन सकता है। यह रात में गले की ओर बहता है और सुबह बलगम जमा होने जैसा महसूस होता है। इसके साथ नाक बंद होना, चेहरे पर दबाव, सिरदर्द या खांसी भी हो सकती है। केवल पीले या हरे बलगम से बैक्टीरियल इंफेक्शन की पुष्टि नहीं होती।
अगर सुबह बलगम के साथ लगातार खांसी, सीने में जकड़न या सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज आती है, तो इसकी वजह अस्थमा या सांस की नलियों में सूजन हो सकती है। धूम्रपान करने वालों में क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस भी एक संभावित कारण है। ऐसी परेशानी बार-बार होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।