डेंगू का नाम सुनते ही सबसे पहले प्लेटलेट्स कम होने का डर सताने लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डेंगू का असर लिवर पर भी पड़ सकता है? ऐसे में केवल प्लेटलेट्स की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय शरीर में दिखने वाले चेतावनी संकेतों को पहचानना जरूरी है।
डेंगू के दौरान पेट में लगातार तेज दर्द होना गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। खासकर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द या भारीपन लिवर के प्रभावित होने से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इसके पीछे दूसरे कारण भी हो सकते हैं। यदि पेट में तेज दर्द के साथ उल्टी या कमजोरी बढ़ रही है, तो तुरंत अस्पताल जाएं।
डेंगू में लगातार उल्टी होने से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। बार-बार उल्टी होना गंभीर डेंगू का चेतावनी संकेत भी है। यदि उल्टी में खून दिखाई दे या मरीज पानी तक न रोक पा रहा हो, तो बिना देरी चिकित्सा सहायता लें।
नाक से खून आना, मसूड़ों से रक्तस्राव होना या त्वचा पर बिना चोट के छोटे लाल-बैंगनी धब्बे दिखना चिंता का विषय है। ये संकेत रक्तस्राव से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में खुद से कोई दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
डेंगू के संक्रमण में लिवर एंजाइम बढ़ सकते हैं और कुछ मरीजों में लिवर में सूजन भी हो सकती है। पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द, मतली और भूख कम लगना इसके संभावित लक्षण हैं। गंभीर मामलों में आंखों या त्वचा का पीला पड़ना भी दिखाई दे सकता है। इन लक्षणों की पुष्टि जांच से ही की जा सकती है।
मल का काला, तारकोल जैसा होना या पेशाब में खून आना अंदरूनी रक्तस्राव का संकेत हो सकता है। इसे सामान्य कमजोरी या संक्रमण समझकर टालना खतरनाक है। ऐसे लक्षण दिखने पर तत्काल अस्पताल पहुंचें।
डेंगू में बहुत ज्यादा सुस्ती, बेचैनी, चक्कर आना, बेहोशी जैसा महसूस होना या हाथ-पैर ठंडे पड़ना गंभीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। पेशाब का काफी कम होना भी शरीर में तरल की कमी या रक्त संचार प्रभावित होने की ओर इशारा कर सकता है।