भारत में दशहरा केवल रावण दहन तक सीमित नहीं है। कहीं शाही जुलूस निकलता है, तो कहीं पूरी रात रामलीला होती है। किसी शहर में देवी की भव्य विदाई देखने को मिलती है, तो कहीं दशहरे का उत्सव कई दिनों तक चलता है। अगर आप भारत की अलग-अलग परंपराओं और संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो इन 7 जगहों का दशहरा आपकी ट्रैवल लिस्ट में जरूर होना चाहिए।
मैसूर का दशहरा अपनी शाही परंपराओं के लिए मशहूर है। इस दौरान मैसूर पैलेस हजारों लाइटों से जगमगा उठता है। विजयादशमी पर निकलने वाला जंबू सवारी जुलूस यहां का सबसे बड़ा आकर्षण है। सजाए गए हाथियों, लोक कलाकारों और पारंपरिक संगीत के बीच उत्सव का नजारा बेहद खास होता है।
कुल्लू में दशहरा बाकी जगहों से अलग अंदाज में मनाया जाता है। यहां रावण का पुतला जलाने के बजाय भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा और स्थानीय देवी-देवताओं के मिलन की परंपरा है। ढालपुर मैदान में सैकड़ों देवताओं की पालकियां पहुंचती हैं। पहाड़ों के बीच यह उत्सव लोक संस्कृति का खूबसूरत अनुभव देता है।
बस्तर का दशहरा अपनी आदिवासी परंपराओं के कारण बेहद खास है। यहां उत्सव का केंद्र देवी दंतेश्वरी की आराधना है। कई सप्ताह तक चलने वाले इस आयोजन में विशाल लकड़ी का रथ, पारंपरिक अनुष्ठान और स्थानीय समुदायों की भागीदारी देखने को मिलती है। यह भारत के सबसे अनोखे दशहरा उत्सवों में शामिल है।
वाराणसी के पास रामनगर की रामलीला अपनी सदियों पुरानी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यहां रामायण के अलग-अलग प्रसंग खुले मैदानों और विभिन्न स्थानों पर प्रस्तुत किए जाते हैं। दर्शक भी कलाकारों के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचते हैं। दशहरे पर यहां आकर रामकथा को बिल्कुल अलग अंदाज में महसूस किया जा सकता है।
कोलकाता में विजयादशमी का रंग कुछ अलग होता है। दुर्गा पूजा के भव्य पंडालों में देवी की विदाई से पहले सिंदूर खेला की परंपरा निभाई जाती है। इसके बाद प्रतिमाओं का विसर्जन होता है। ढाक की आवाज, पारंपरिक साड़ियां और उत्सव का भावुक माहौल यहां की विजयादशमी को यादगार बनाते हैं।
दिल्ली का दशहरा अपनी भव्य रामलीला और रावण दहन के लिए जाना जाता है। लाल किला मैदान सहित कई स्थानों पर रामलीला का मंचन होता है। विजयादशमी की शाम रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के विशाल पुतलों का दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। मेले और रोशनी उत्सव का मजा दोगुना कर देते हैं।
राजस्थान के कोटा का दशहरा मेला काफी प्रसिद्ध है। यहां रावण दहन के साथ बड़े मेले का आयोजन होता है। रंग-बिरंगी दुकानें, झूले, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय खानपान पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। परिवार के साथ दशहरे की छुट्टियां बिताने के लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है।