Shradhha Dubey News: करीब दो साल पहले सहारनपुर में सामने आए साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अब इस मामले में ठगी की रकम से खरीदी गई एक लग्जरी स्कोडा कार चर्चा में है। यह कार 25 हजार रुपये की इनामी श्रद्धा दुबे के नाम पर रजिस्टर्ड है। कार का नंबर DL 6CM 3920 है और इसका पंजीकरण दिल्ली के महिपालपुर में हुआ था। बताया जा रहा है कि सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार को सीज किया था और यह आज भी साइबर थाने की कस्टडी में खड़ी है।
कार का रजिस्ट्रेशन आज भी श्रद्धा दुबे के नाम पर
इस मामले में अंकित जायसवाल का नाम सामने आया था। जानकारी मिली थी की अंकित ने ठगी की रकम से स्कोडा कार खरीदी थी और इसे अपनी महिला सहयोगी श्रद्धा दुबे को दिया था। कार श्रद्धा दुबे के नाम पर रजिस्टर्ड बताई है। पुलिस ने जांच के दौरान कार को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया था। इस मामले में खास बात यह है कि ठगी की रकम से खरीदी गई बताई जा रही कार का रजिस्ट्रेशन आज भी श्रद्धा दुबे के नाम पर है। वाहन का नंबर DL 6CM 3920 है।कार सहारनपुर साइबर क्राइम थाने में खड़ी है।
डॉक्टर से करीब 90.59 लाख रुपये की ठगी की
यह पूरा मामला वर्ष 2024 में सहारनपुर के एक डॉक्टर से हुई साइबर ठगी से जुड़ा है। आरोपियों ने आयुष्मान योजना के तहत इलाज के बकाया बिलों का भुगतान कराने का झांसा देकर सर्जन डॉ. प्रभात कुमार वर्मा से करीब 90.59 लाख रुपये की ठगी की थी।
दिसंबर 2024 में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया
शिकायत मिलने के बाद सहारनपुर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस की टीम लखनऊ पहुंची और दिसंबर 2024 में अंकित जायसवाल समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद ठगी की रकम और उससे खरीदी गई संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की गई। उस दौरान ही पुलिस ने इस कार को बरामद कर अपने कब्जे में लिया था
सोनौली के भगवानपुर पहुंची टीम
वहीं, श्रद्धा की तलाश में लखनऊ पुलिस छापेमारी कर रही है। शद्धा की तलाश में लखनऊ की क्राइम ब्रांच और एसओजी टीम शनिवार को सोनौली के भगवानपुर पहुंची। भारत-नेपाल सीमा से सटे संवेदनशील भगवानपुर कस्बे में टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से जांच शुरू की। टीम सीमावर्ती क्षेत्र के पगदंडी रास्तों और आसपास की दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को बारीकी से खंगाल रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के जरिए मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास कर रही है।
