निर्माता रामानंद सागर ने हिन्दी सिनेमा के इतिहास में एक ऐसी कहानी रची थी कि जो बच्चे से लेकर बुड्ढों तक के जहन में बसी हुई है। वह थी रामायण, यह एक शो था जो दूरदर्शन पर आता था। शो में रामायण के पात्रों को उस खूबसूरती से दिखाया था जिसे आज दोबारा नहीं बनाया जा सकता। यह 37-38 साल पहले की बात है। क्या आप जानते हैं उस समय कलाकारों की क्या फीस होती थी। आइए बताते हैं। Pic Source: Pintrest
रामानंद सागर की रामायण (1987) एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मील का पत्थर रही, लेकिन उस समय इसका बजट और कलाकारों की फीस आज की तुलना में काफी कम थी। इस सीरियल का निर्माण दूरदर्शन के जमाने में हुआ था, जब टीवी इंडस्ट्री उतनी बड़ी और महंगी नहीं थी।Pic Source: Pintrest
भगवान राम बने अरुण गोविल से ही पुरी रामायण थी। वह शो के सबसे मुख्य किरदार थे। उन्होंने लोगों के दिल में अपनी खास जगह बनाई है जो आज भी वैसी की वैसी कायम है। उन्हें पर एपिसोड के लिए 700 से 800 फीस दी जाती थी। Pic Source: Pintrest
रामायण में दीपिका ने सीता माता का किरदार किया था। इस रोल में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। आज भी लोग उन्हें सीता माता के रूप में देखते और पूजते हैं। क्या आप जानते हैं उस समय दीपिका को 300 से 400 रुपए प्रति एपिसोड मिलते थे। उस समय यह पैसे भी बहुत थेPic Source: Pintrest
एक्टर अरविन्द त्रिवेदी ने शो में रावण का रोल किया था। वह अपने किरदार में एकदम परफेक्ट नजर आए थे। अरविन्द अपने किरदार में इतना रम गए थे कि वह सबके फेवरेट बन गए। उस समय उन्हें एक एपिसोड के लिए 500 से 600 रुपए मिलते थे। Pic Credit: Pintrest
हनुमान के किरदार के बिना रामायण की कल्पना ही नहीं की जा सकती । दारा सिंह ने इस रोल के लिए जी-जान लगा दी थी। वह शो के सबसे मेहनती स्टार भी कहे जाते हैं। उन्हें प्रति एपिसोड 500 से 600 फीस मिलती थी। Pic Source: Pintrest
एक्टर सुनील लहरी ने शो में लक्ष्मण का रोल किया था। वह अरुण गोविल के साथ ऐसे जचे की असल में उनके सगे भाई जैसे लग रहे थे। सुनील लहरी को उस समय 300 से 400 पर एपिसोड फीस मिलती थी।Pic Source: Pintrest