गुरुग्राम में बहा करती थी एक नदी, अब हो गई है लुप्त, जानें क्या है गायब होने की वजह

आज जब हम गुरुग्राम का नाम सुनते हैं, तो हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी इमारतें, चमचमाती मॉल, ट्रैफिक और आईटी कंपनियां आती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कंक्रीट के इस जंगल के नीचे एक बेहद खूबसूरत इतिहास भी छिपा हुआ है? जी हां, कभी इस आधुनिक शहर के बीच से एक ऐतिहासिक नदी बहा करती थी, जो आज पूरी तरह से लुप्त हो चुकी है। लेकिन इसके इतिहास के बारे में सभी को पता होना चाहिए, तो आइए जानते हैं गुरुग्राम की उस नदी के बारे में जिसका आज वजूद नहीं है।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Jun 1 2026, 17:27 IST
गुरुग्राम के नीचे कौन-सी नदी बहती थी?Image Credit : Canva01 / 07

गुरुग्राम के नीचे कौन-सी नदी बहती थी?

इतिहास में गुरुग्राम के नीचे बहने वाली नदी जो अब विलुप्त हो चुकी है उसका नाम है साहिबी नदी (Sahibi River)।

कहां से निकलती थी यह नदी  Image Credit : Canva02 / 07

कहां से निकलती थी यह नदी

​बता दें कि यह नदी राजस्थान के सीकर जिले की पहाड़ियों से निकलती थी। वहां से बहते हुए यह हरियाणा के रेवाड़ी और फिर गुरुग्राम के इलाकों में प्रवेश करती थी। प्राचीन समय में इसे एक पवित्र और महत्वपूर्ण जल स्रोत माना जाता था।​

कभी जीवनदायिनी हुआ करती थी यह नदीImage Credit : Canva03 / 07

कभी जीवनदायिनी हुआ करती थी यह नदी

​एक समय था जब साहिबी नदी गुरुग्राम और उसके आसपास के दर्जनों गांवों के लिए किसी जीवनदायिनी से कम नहीं थी। इस नदी के पानी से न केवल फसलों की सिंचाई होती थी, बल्कि यह पूरे इलाके के ग्राउंडवाटर लेवल को भी बनाए रखती थी। नदी के किनारे कई समृद्ध बस्तियां बसी हुई थी।​

कैसे गायब हो गई पूरी की पूरी नदी?Image Credit : Canva04 / 07

कैसे गायब हो गई पूरी की पूरी नदी?

​साहिबी नदी का अचानक गायब होना कोई जादुई घटना नहीं है, बल्कि इसके पीछे इंसानी दखल और प्रकृति रही है। जी हां, समय के साथ नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में कम बारिश होने लगी, जिसके कारण नदी का बहाव क्षेत्र में अंधाधुंध निर्माण कार्य और अतिक्रमण होने के कारण पानी का रास्ता धीरे-धीरे बंद हो गया। ​

नजफगढ़ झील और ड्रेन में बदला अस्तित्व​Image Credit : Canva05 / 07

नजफगढ़ झील और ड्रेन में बदला अस्तित्व​

​गुरुग्राम से आगे बढ़कर यह नदी दिल्ली के करीब नजफगढ़ झील में जाकर मिलती थी। आज की स्थिति यह है कि साहिबी नदी का जो हिस्सा कभी साफ पानी से लबालब रहता था, वह अब एक बड़े नाले (नजफगढ़ ड्रेन) के रूप में बदल चुका है। नदी का अस्तित्व अब केवल सरकारी कागजों और नक्शों तक ही सीमित रह गया है।​

लुप्त होने से पर्यावरण को लगा बड़ा झटकाImage Credit : Canva06 / 07

लुप्त होने से पर्यावरण को लगा बड़ा झटका

​इस नदी के सूखने और गायब होने का सबसे बुरा असर गुरुग्राम के पर्यावरण पर पड़ा है। नदी के जाने से इलाके का वाटर लेवल बेहद नीचे चला गया है। इसके अलावा, नदी के आसपास का प्राकृतिक ईकोसिस्टम भी बूरी तरह से प्रभावित हुआ है।​

क्या दोबारा जीवित हो सकती है यह नदी?​Image Credit : Canva07 / 07

क्या दोबारा जीवित हो सकती है यह नदी?​

​पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार और प्रशासन मिलकर नदी के पुराने रास्तों से अतिक्रमण हटाएं और बड़े स्तर पर जल संरक्षण अभियान चलाएं, तो इसके स्वरूप को कुछ हद तक वापस पाया जा सकता है।​

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