भारत के किस जिले को कहा जाता है Bio-Happy District, जानें इसका क्‍या है मतलब

Bio-Happy District of India: भारत में 790 से अधिक जिले हैं, हर जिले की अपनी एक अलग पहचान है, किसी को पर्ल सिटी तो किसी को सिलिकॉन वैली के नाम से जाना जाता है। लेकिन आज हम आपको देश के पहले Bio-Happy जिले के बारे में बताएंगे। आइए जानते हैं विस्तार से।

Authored by: वर्षा कुशवाहाUpdated Apr 22 2026, 11:23 IST
भारत का एक जिला कहलाता है Bio-HappyImage Credit : Canva01 / 07

भारत का एक जिला कहलाता है Bio-Happy

भारत में 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं, जिसमें 790 से अधिक जिले और 7000 से अधिक शहर हैं। हर जिले की अपनी एक अलग पहचान और संस्कृति है, जिसके आधार पर उन्हें उपनाम यानी Nickname दिए गए हैं। जैस सिक्किम को ग्रीन स्टेट और इंडिया और जयपुर को पिंक सिटी के नाम से जाना जाता है। उसी प्रकार से देश में एक जिला ऐसा है, जिसे Bio-Happy जिले के रूप में जाना जाता है। वह जिला कौन-सा है? उसे क्यों Bio-Happy कहा जाता है? Bio-Happy का अर्थ क्या है? आदि जैसे विभिन्न सवालों के जवाब दें।

Bio-Happy जिले का क्या अर्थ है?Image Credit : Canva02 / 07

Bio-Happy जिले का क्या अर्थ है?

​Bio-Happy जिले का अर्थ है एक ऐसा क्षेत्र, जहां जैव विविधता (Biodiversity) संरक्षण और स्थानीय लोगों की खुशहाली के बीच संतुलन बनाया जाता है। उसी स्थान को Bio-Happy जिला या क्षेत्र कहा जाता है। इसमें न केवल जैव विविधता का संरक्षण होता है, बल्कि स्थानीय लोगों द्वारा इसका उपयोग इस प्रकार के करने पर जोर दिया जाता है, जिसमें समुदाय के स्वास्थ्य, पोषण और आजीविका में सुधार हो।​

भारत का Bio-Happy जिला कौन सा है?Image Credit : Canva03 / 07

भारत का Bio-Happy जिला कौन सा है?

​भारत में शामिल सैकड़ों जिलों में से जिस जिले को Bio-Happy जिले का खिताब मिला है, वह अरुणाचल प्रदेश का 'केयी पान्योर' जिला है।​

क्यों कहा जाता है केयी पान्योर को Bio-Happy जिला?Image Credit : Canva04 / 07

क्यों कहा जाता है केयी पान्योर को Bio-Happy जिला?

​अरुणाचल प्रदेश के केयी पान्योर जिले को भारत का Bio-Happy जिला इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यह जैव विविधता संरक्षण को सीधे तौर पर स्थानीय लोगों की आजीविका, पोषण और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जोड़कर एक टिकाऊ और नया विकास मॉडल पेश कर रहा है।​

इस अवधारणा पर आधारित है Bio-Happy जिला?Image Credit : Canva05 / 07

इस अवधारणा पर आधारित है Bio-Happy जिला?

​बता दें कि जैव-खुशी यानी Biohappiness की अवधारणा प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन की अवधारणा पर आधारित है। इसका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के माध्यम से लोगों के जीवन में खुशहाली लाना है।​

कौन है एमएस स्वामीनाथन?​Image Credit : Canva06 / 07

कौन है एमएस स्वामीनाथन?​

​केयी पान्योर को Bio Happy District बनाने वाले एमएस स्वामीनाथन एक मशहूर कृषि वैज्ञानिक, जिन्हें हरित क्रांति का जनक भी कहा जाता है। अन्न के संकट से घिरे देश को चार साल में ही उनके योगदान के लिए भारत रत्न से भी नवाजा गया है। देश में धान की फसल को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही उन्होंने धान की उपज देने वाली किस्मों को विकसित करने में भी बड़ा योगदान दिया है। ​

Bio-Happy पर एमएस स्वामीनाथन की योजना​Image Credit : Canva07 / 07

Bio-Happy पर एमएस स्वामीनाथन की योजना​

​एमएस स्वामीनाथन का उद्देश्य केयी पान्योर में आजीविका, कृषि-जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र का आकलन करना रहा है। वह जैव-सुखद उस स्थिति को बताते हैं, जहां जैव विविधता के संरक्षण के साथ सतत उपयोग से मिलती है।​

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