इंडोनेशिया एक ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा एक्टिव वॉल्केनो हैं। यहां 130 से भी ज्यादा एक्टिव ज्वालामुखी हैं, जो दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में काफी ज्यादा हैं।
कहा जाता है कि पृथ्वी में किसी भी समय पर 10-15 ज्वालामुखी फट रहे होते हैं। पृथ्वी बेहद रहस्मयी है और इन्हीं सब रहस्यों की वजह से कभी भूकंप तो कभी ज्वालामुखी फटने जैसी घटनाएं होती हैं।
अब सवाल ये कि इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा ज्वालामुखी क्यों फटते हैं? तो इसकी वजह है टेक्टोनिक प्लेटों की गति। इंडोनेशिया रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां यूरेशियन और इंडो ऑस्ट्रेलिया जैसी विशाल प्लेटें टकराती हैं।
जब एक प्लेट दूसरी के नीचे खिसकती है तो अत्यधिक गर्मी और दबाव से चट्टानें पिघलकर मैग्मा बन जाती हैं। ये गर्म और गैसयुक्त मैग्मा ऊपर उठता है और जब दवाब बहुत ज्यादा हो जाता है तो एक शक्तिशाली विस्फोट होता है और ये पृथ्वी की सतह से ऊपर निकल जाता है।
रिंग ऑफ फायर पृथ्वी के चारों और एक बड़ा सा घेरा है। ये प्रशांत महासागर के किनारे पर फैला हुआ है। इस इलाके में बहुत सारे ज्वालामुखी, भूकंप और टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल होती रहती है। दुनिया के लगभग 75 प्रतिशत सक्रिय ज्वालामुखी इसी रिंग ऑफ फायर में हैं।
दुनिया में इंडोनेशिया सबसे ज्यादा सक्रिय ज्वालामुखी वाला देश है। यहां भूकंप और सुनामी बहुत ज्यादा आते हैं। इंडोनेशिया पूरा का पूरा ही रिंग ऑफ फायर पर बैठा हुआ है।