रेगिस्तान में बिना AC और कूलर के ठंडा रहता है ये स्कूल, डिजाइन देख दंग रह जाएंगे आप

जैसलमेर के प्रसिद्ध सैम ड्यून से महज छह मिनट की दूरी पर स्थित कनौई गांव में एक अनोखा और प्रेरणादायक प्रयास सामने आया है। इस गांव में लड़कियों की पढ़ाई के लिए एक बहुत ही खास स्कूल बनाया गया है, जो कि बिना AC और कूलर के भी ठंडा रहता है।

Curated by: अंकिता पाण्डेयUpdated Jun 7 2025, 13:59 IST
​​राजकुमारी रत्नावती बालिका विद्यालय​01 / 05

​​राजकुमारी रत्नावती बालिका विद्यालय​

जैसलमेर के प्रसिद्ध सैम ड्यून से महज छह मिनट की दूरी पर स्थित कनौई गांव में एक अनोखा और प्रेरणादायक प्रयास सामने आया है। इस गांव में लड़कियों की पढ़ाई के लिए एक बहुत ही खास स्कूल बनाया गया है, जिसका नाम राजकुमारी रत्नावती बालिका विद्यालय है।

​10 साल बाद पूरा हुआ सपना​02 / 05

​10 साल बाद पूरा हुआ सपना​

इस स्कूल को बनाने का सपना माइकल डॉब ने देखा था, जो अमेरिका की एक संस्था CITTA के संस्थापक हैं। इस सपने को सच करने में उन्हें करीब दस साल लग गए। माइकल ने अमेरिका की मशहूर आर्किटेक्ट डायना केलॉग को इस स्कूल की डिजाइन बनाने के लिए बुलाया।

​रेगिस्तान के बीच भी स्कूल ठंडा​03 / 05

​रेगिस्तान के बीच भी स्कूल ठंडा​

डायना ने ऐसा डिजाइन तैयार किया जो गर्मी, धूप और रेगिस्तान की मुश्किलों से बचाव करता है। इस स्कूल की इमारत ऐसी है कि लड़कियां बिना धूप या गर्मी की चिंता के आराम से पढ़ाई कर सकती हैं। स्कूल का आंगन पूरी तरह सुरक्षित है और यहां का माहौल बहुत सुंदर और शांत है।

​​लड़कियों के लिए उम्मीद​04 / 05

​​लड़कियों के लिए उम्मीद​

राजकुमारी रत्नावती बालिका विद्यालय उन गांवों की लड़कियों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है, जिन्हें पहले पढ़ने का मौका नहीं मिल पाता था। यहां उन्हें मुफ्त शिक्षा, पोषण और आत्मनिर्भर बनने की सीख दी जाती है।

​​पढ़ाई के साथ ट्रेनिंग​05 / 05

​​पढ़ाई के साथ ट्रेनिंग​

इस स्कूल में जल्द ही हुनर केंद्र और महिलाओं के लिए सहयोग समूह भी शुरू किए जाएंगे, ताकि लड़कियों को पढ़ाई के साथ-साथ काम करने की ट्रेनिंग भी मिल सके। यह अब सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि एक ऐसा स्थान बन गया है जहां से कई लड़कियों के सपने पूरे हो सकते हैं।

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