रानी मुखर्जी नहीं मल्लिका बनर्जी हैं रियल लाइफ Mardaani, ट्रैफिकिंग नेटवर्क का ऐसे किया था पर्दाफाश

रानी मुखर्जी की फिल्म 'Mardaani 3' हाल ही में रिलीज हुई, जिसके बाद से इंटरनेट पर काफी सर्च किया जा रहा है कि ये फिल्म किससे प्रेरित है या Real Life Mardaani कौन हैं?...इनका नाम मल्लिका बनर्जी हैं, इनके अंडरकवर मिशन ने नौकरी देने वाली एजेंसियों की आड़ में चल रहे चाइल्ड-ट्रैफिकिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। जानें उनके बारे में

Authored by: नीलाक्ष सिंहUpdated Feb 6 2026, 16:49 IST
रानी मुखर्जी नहीं मल्लिका बनर्जी हैं रियल लाइफ Mardaani, ट्रैफिकिंग नेटवर्क का ऐसे  किया था पर्दाफाशImage Credit : Tnn & canva01 / 07

रानी मुखर्जी नहीं मल्लिका बनर्जी हैं रियल लाइफ Mardaani, ट्रैफिकिंग नेटवर्क का ऐसे किया था पर्दाफाश

हाल ही में 'Mardaani 3' नाम की फिल्म रिलीज हुई, जिसमें रानी मुखर्जी ने लीड रोल निभाया। इससे पहले Mardaani 1 और Mardaani 2 भी आई थी, जिसे खूब सराहा गया था। इस फिल्म के रिलीज के बाद इंटरनेट पर काफी सर्च किया जा रहा है कि ये फिल्म आखिर किस रियल हीरो से प्रेरित है या Real Life Mardaani कौन हैं?...इनका नाम मल्लिका बनर्जी हैं, इनके अंडरकवर मिशन ने नौकरी देने वाली एजेंसियों की आड़ में चल रहे चाइल्ड-ट्रैफिकिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया था। जानें उनके बारे में

मल्लिका बनर्जी कौन हैं? IPS Mallika Banerjee Kaun HaiImage Credit : Tnn & canva02 / 07

मल्लिका बनर्जी कौन हैं? IPS Mallika Banerjee Kaun Hai

मल्लिका बनर्जी पश्चिम बंगाल की इंडियन पुलिस सर्विस (IPS) ऑफिसर हैं, जिन्हें छत्तीसगढ़ में चाइल्ड ट्रैफिकिंग नेटवर्क के खिलाफ अपने अंडरकवर ऑपरेशन्स के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। स्टेशन हाउस ऑफिसर और एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग नोडल ऑफिसर के तौर पर काम करते हुए उन्हें 2016 के अपने अंडरकवर मिशन के लिए "रियल-लाइफ मर्दानी" नाम से जाना जाता है।

काम को अंजाम देने के लिए बदले भेस, बनीं सेल्सवुमनImage Credit : Tnn & canva03 / 07

काम को अंजाम देने के लिए बदले भेस, बनीं सेल्सवुमन

Mallika Banerjee IPS ने ट्रैफिकिंग रैकेट में घुसने के लिए घर-घर जाकर सामान बेचने वाली सेल्सवुमन का काम किया। उन्होंने पुलिस विभाग में रहते हुए सिस्टमैटिक तरीके से काम किया, तेज दिमाग और जज्बे की वजह से उन्होंने 20 से ज्यादा ट्रैफिक किए गए बच्चों को बचाया गया। और कई राज्यों में काम कर रही 25 गैर-कानूनी प्लेसमेंट एजेंसियों का पर्दाफाश हुआ।

आधिकारिक भूमिका से बाहर निकलकर किया कामImage Credit : Tnn & canva04 / 07

आधिकारिक भूमिका से बाहर निकलकर किया काम

2016 में वे चुपचाप अपनी आधिकारिक भूमिका से बाहर निकलकर छत्तीसगढ़ में घर-घर जाकर सामान बेचने वाली महिला का जीवन जीने लगीं। कोई नाटकीय भेस या फिल्मी मोनोलॉग नहीं थे, बस लगन, धैर्य और एक सहज ज्ञान था कि बड़े शहरों में "नौकरी" के बहाने गायब हो रहे बच्चों के साथ कुछ बहुत गलत हो रहा है। उनके मिशन ने दिखाया कि गरीबी के कारण ट्रैफिकिंग नेटवर्क कैसे बढ़ रहे हैं।

वह अंडरकवर फैसला जिसने सब कुछ बदल दियाImage Credit : Tnn & canva05 / 07

वह अंडरकवर फैसला जिसने सब कुछ बदल दिया

2016 में, छत्तीसगढ़ में तैनात बनर्जी ने महसूस किया कि पारंपरिक पुलिसिंग बदमाशों को पकड़ने व उनके नेटवर्क को तोड़ने में नाकाम हो रही है। परिवार अपने बेटों और बेटियों के काम पर जाने और कभी वापस न लौटने की बात करते थे। लोग गुम होने की शिकायतें तो कर रहे थे, लेकिन किसी दबाव या शायद डर के कारण शिकायतें वापस ले ली जाती थीं। इसलिए उन्होंने कुछ असामान्य किया: वह अंडरकवर चली गईं।

25 अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों के नेटवर्क का किया भंडाफोड़Image Credit : Tnn & canva06 / 07

25 अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों के नेटवर्क का किया भंडाफोड़

एक सेल्सवुमन के भेस में, वे गांव गांव गईं। लोगों से बात की उनसे ऐसे सवाल पूछे जो वह वर्दी में नहीं पूछ सकती थीं, या वो जानती थी वर्दी में पूछेंगे तो कोई खुलकर नहीं बोलेगा। आखिरकार, बनर्जी को क्राइम को एक पैटर्न समझ आया और उन्होंने मिलते-जुलते नाम देखे। एजेंसियां ​​​​वैध लगती थीं लेकिन अंधेरे में काम करती थीं। नौकरी के ऐसे ऑफर थे जो लुभाते थे, लेकिन जबरन मजदूरी और दुर्व्यवहार में खत्म हो जाते थे। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, बनर्जी और उनकी टीम ने पुराने मामलों को फिर से खोला और लगभग 25 अवैध प्लेसमेंट एजेंसियों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया।

20 से ज्यादा बच्चों को बचायाImage Credit : Tnn & canva07 / 07

20 से ज्यादा बच्चों को बचाया

Real Life Mardaani ने 20 से ज्यादा बच्चों को बचाया गया, उन्हें ऐसी जिंदगी से बाहर निकाला, जिसे कोई नहीं चुनना चाहता था। इस घटना के बाद गंभीर एहसास हुआ कि ट्रैफिकिंग कितनी आसानी से अवसर का भेस धारण कर सकती है। इसस पता चलता हैै कि ट्रैफिकर्स कभी विलेन बनकर अचानक से सामने नहीं आते, वे रिक्रूटर, जान-पहचान वाले, पड़ोसियों के पड़ोसी बनकर आते हैं, ताकि वे आपका भरोसा जीत सकें। ऑपरेशन से पता चला कि सबसे खतरनाक अपराध अक्सर सबसे इज्ज्तदार नकाब पहनते हैं।

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