धरती अपनी धुरी पर लगभग 1670 किमी/घंटा (Equator पर) की गति से लगातार (24x7) घूमती है। लेकिन कल्पना करिये कि यह घुमाव अचानक सिर्फ 1 सेकंड के लिए रुक जाए, तो क्या होगा। क्या 1 सेकंड से कोई फर्क पड़ेगा या इससे भयंकर परिणाम देखने को मिल सकते हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले छात्रों को इस तरह की जानकारी जरूर रखनी चाहिए, क्योंकि ये दिखाता है कि आप कितने अच्छे से तैयार हैं।
धरती के रुकने का मतलब यह नहीं कि हम भी रुक जाएंगे। हमारी गति बनी रहेगी, और यही कारण है कि हम विनाश की ओर जाएंगे। ऐसे समझिए कि हम इंसान, इमारतें, पेड़—पौधे सब कुछ उसी स्पीड से आगे बढ़ेंगे। ऐसे में भयंकर तूफान जैसी स्थिति बन जाएगी, जो बड़े पैमाने पर तबाही का कारण बन सकती है। वास्तव में अगर पृथ्वी अचानक घूमना बंद कर दे, तो पृथ्वी पर मौजूद सब कुछ अपने अक्षांश के हिसाब से आगे बढ़ेंगे जो सब कुछ तबाह कर देगा।
मान लीजिए कि आप एक कार में सफर कर रहे हैं। अगर कार 70 मील प्रति घंटा (112.7 किमी/घंटा) की गति से चल रही है, तो आपका शरीर भी उसी 70 मील प्रति घंटा की गति से आगे बढ़ रहा होगा। अगर कार अचानक रुक जाएगी, तो आपका शरीर 70 मील प्रति घंटा की गति से आगे चला जाएगा, और आप विंडशील्ड की ओर तेजी से टकरा जाएंगे। यही वजह है कि सीट बेल्ट लगाना जरूरी होता है। जब हम एक समान गति से सफ़र करते हैं, तो हमें गति का एहसास नहीं होता। हमें गति का एहसास तब होता है, जब हमारे वाहन की गति में अचानक तेजी या कमी आती है।
समुद्र अपनी गति से तेज हलचल करेगा, क्योंकि पृथ्वी अचानक रुक जाएगी, और धरती पर मौजूद विशाल पानी अपनी जगह से आगे बढ़ जाएगा। इससे विशाल सुनामी जैसी लहरें उठ सकती हैं, जो तटीय इलाकों को तबाह कर देंगी। वैज्ञानिक मानते हैं कि पानी का संतुलन बिगड़ जाएगा और कई जगहों पर बाढ़ आ सकती है। यही नहीं, अगर कुछ जमीन पर बच भी गया, तो समुद्र की जबरदस्त ताकत के आगे कुछ नहीं टिकेगा।
लगभग सभी इमारतें एक ही पल में ढह जाएंगी, और जो भी इंसान या चीज जमीन से मजबूती से जुड़ी हुई नहीं होगी, वह जोरदार झटके के साथ अपनी जगह से हट जाएगी। यहां तक कि जमीन भी इस अचानक रुकावट के कारण मुड़ जाएगी, उसमें दरारें पड़ जाएंगी और वह फट जाएगी। है।
1 सेकंड के लिए रुकने से दिन-रात में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन यह घटना पृथ्वी की घड़ी और सैटेलाइट सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। GPS और संचार व्यवस्था में गड़बड़ी का भी जोखिम है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसी घटना का होना लगभग असंभव है। लेकिन यहां बात कल्पना करने की हो रही है, लेकिन यहां दिए जवाब साइंटिफिक हैं, ऐसा होने पर ज्वालामुखी फटे पड़ेंगे और वातावरण में लाखों टन राख, आग और मलबा मिल जाएगा। संक्षेप में कहें तो, दुनिया का अंत सिर्फ एक सेकंड के लिए पृथ्वी के घूमने से हो सकता है।