भारतीय रेलवे सिर्फ एक रेलवे सिस्टम नहीं, बल्कि ये जनसंख्या की दृष्टि से दुनिया के सबसे बड़े देश का भार उठाने वाला प्लेटफॉर्म भी है। ये सबसे व्यस्त नेटवर्क में से एक है, एक जानकारी के अनुसार, ये 126,000 किमी से अधिक क्षेत्र को कवर करता है और प्रतिदिन 23 मिलियन से अधिक यात्रियों को ले जाता है। सैकड़ो हजारों ट्रेन होने के बावजूद यहां एक ऐसी ट्रेन भी है, जिसे पास देने के लिए VVP हो या VVIP ट्रेन सभी को रास्ता छोड़ना पड़ता है।
भारत एक विशाल देश है। यह जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा देश है, जबकि क्षेत्रफल की दृष्टि से सातवां सबसे बड़ा देश है। यही नहीं, यहां का रेल नेटवर्क दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। चलिए अब बात भारत के उस ट्रेन की, जिसके आगे राजधानी, शताब्दी तो क्या वंदे भारत को भी रुकना पड़ता है।
इस स्पेशल ट्रेन का नाम है 'एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल ट्रेन', यह जब सफर पर निकलती है, तो अच्छी अच्छी ट्रेनों को रास्ता देना पड़ता है। इसलिए इसे भारतीय रेलवे की सबसे High Priority ट्रेन कहा जात है।
भारत में रेल जाल बहुत बड़े स्तर पर फैला हुआ है, जब कभी कहीं कोई रेल एक्सीडेंट हो जाता है, तो वहां ये ट्रेन मेडिकल सुविधाएं देने तुरंत भेजी जाती है।
आप सोच रहे होंगे कि Accident Relief Medical Train दुर्घटना स्थल पर जल्दी नहीं पहुंच पाती होगी? तो ऐसा नहीं है। इसे तुरंत पहुंचाने के लिए उस रूट से दूसरी सभी ट्रेनों को दूसरी पटरी पर भेज दिया जाता है, ताकि ये नॉन स्टॉप वहां पहुंच सके।
बता दें, भारतीय रेलवे (आईआर) के महत्वपूर्ण यार्डों और स्टेशनों पर 'एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल ट्रेन' को खड़ा किया जाता है। ये कोई एक ट्रेन नहीं है, इस तरह की कई ट्रेनों को उचित दूरी पर खड़ा किया जाता है, ताकि दुघर्टना स्थल पर पास वाली 'एक्सीडेंट रिलीफ मेडिकल ट्रेन' को भेजा जा सके।
ये ट्रेन बचाव और राहत कार्य के लिए बहुत कम समय में दुर्घटना स्थल पर पहुंच जाता है। दुघर्टना स्थल पर सबसे जरूरी होता है समय रहते मेडिकल फैसिलिटी मिलना, क्योंकि सभी को लेकर अस्पताल भागना आसान नहीं हो सकता, ऐसे मे ये ट्रेन वहां पहुंचकर तुरंत मेडिकल रिलीफ का काम शुरू कर देती है।