सिविल सेवा में जाने के दो रास्ते हैं। एक राज्य प्रशासनिक सेवा और दूसरी भारतीय प्रशासनिक सेवा। यह दोनों ही परीक्षाएं इतनी कठिन हैं कि कई कई साल की मेहनत के बाद भी युवा इनमें से एक भी क्रैक नहीं कर पाते हैं लेकिन आज हम जिस शिवाक्षी दीक्षित के बारे में आपको बता रहे हैं उन्होंने यह दोनों परीक्षाएं क्रैक कर इतिहास रच दिया था।
लखनऊ के इंदिरा नगर की रहने वाली शिवाक्षी दीक्षित बिहार कैडर में आईएएस हैं और इस समय बेतिया नगर निगम की नगर आयुक्त हैं। 2021 बैच की IAS अधिकारी शिवाक्षी दीक्षित इसके पहले मुंगेर नगर निगम में नगर आयुक्त के पद पर थीं।
आईएएस बनने से पहले उन्होंने 2020 में उत्तर प्रदेश पीसीएस परीक्षा में भी सफलता हासिल की और राज्य में दूसरा स्थान प्राप्त किया। लेकिन उनको आईएएस बनना था इसलिए वह यूपीएससी की तैयारी करती रहीं।
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य स्नातक की डिग्री प्राप्त की है। दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से 2017 में स्नातक करने के बाद शिवाक्षी ने अपनी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की।
शिवाक्षी के पिता कृष्ण कांत दीक्षित ग्रामीण बैंक में मैनेजर के पद से रिटायर हुए हैं। उनकी माता वीना दीक्षित टीचर हैं। शिवाक्षी का युवाओं से कहना है कि वह अपने करियर को बहुत ही गंभीरता से लें। बहुत सारे डिस्ट्रैक्शन होते हैं।
पहले अटेम्पट में UPSC एग्जाम नहीं निकाल पाने वाली शिवाक्षी दीक्षित (shivakshi dikshit) ने अपने दूसरे अटेम्पट में UPSC क्वालिफाई कर लिया है।
प्रशिक्षण अवधि में ये लौरिया में बीडीओ और सीओ के प्रभार में रहीं। 19 मार्च 2023 से 26 मार्च 2023 तक बेतिया के नगर आयुक्त के प्रभार में भी थीं। इस वजह वे बेतिया नगर निगम की आबोहवा से परिचित भी हैं।