सबसे पहले तो आप ये समझ लीजिये कि NSG कोई ऐसा फोर्स नहीं है, जिसमें आपको सीधे फॉर्म भरकर नौकरी मिल जाती है। बल्कि National Security Guard एक ऐसा फोर्स है, जिसे सबसे एलीट फोर्स माना जाता है और जहां सिर्फ ट्रेन्ड जवान ही शामिल किए जाते हैं।
यहां शामिल होने के लिए पहले आपको किसी दूसरी आर्म्ड फोर्स का हिस्सा बनना पड़ेगा। NSG को भारत में ही बनाया गया था। हाईजेकिंग और हाई रिस्क ऑपरेशन के लिए। जब किसी अन्य फोर्स के बस से बाहर हालात रहते हैं तो देश का ये फोर्स सामने आता है।
एनएसजी में दो ग्रुप जाते हैं। पहले तो इंडियन आर्मी और दूसरा CAPF से। अगर आप भारतीय आर्मी में हैं खासकर Infantry या Combat आर्म्स से तो आपके चांसेज हाई माने जाते हैं। अगर आप CAPF से हैं तो भी मौका मिलता है लेकिन सिलेक्शन रेशियो कम रहता है।
अब बात करें कैंडिडेट की मेडिकल फिटनेस और एज क्राइटेरिया की तो यहां पर उम्र सीमा 25 से 35 साल होनी चाहिए। यहां हाईट, वजन और चेस्ट बिल्कुल फिट होनी चाहिए। 100 प्रतिशत मेडिकल फिटनेस की जरूरत होती है। मेंटल हेल्थ और आंखों की सेहत सब कुछ एकदम 100 प्रतिशत सही होना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि 100 में से सिर्फ 15 कैंडिडेट्स ही NGS कमांडो बनने के लिए योग्य होते हैं।
फिजिकल टेस्ट में लॉन्ग डिस्टेंस, रनिंग, स्प्रिंट, पुल अप, पुश अप और कई ऑब्सेकल कोर्स होते हैं। अगर यहां कैंडिडेट फेल होता है इसका मतलब है सीधा बाहर। यहां कैंडिडेट्स की टेस्ट बहुत मुश्किल होता है। नींद, भूख और स्ट्रेस में कैंडिडेट्स को टेस्ट किया जाता है। इसे पूरा करने के बाद ही बेहद मुश्किल ट्रेनिंग होती है।
एनएसजी की ट्रेनिंग को सबसे मुश्किल ट्रेनिंग माना जाता है। ये 9 से 14 महीने की होती है। ट्रेनिंग के दौरान नींद बहुत कम मिलती है। शरीर दर्द, कमजोरी, बुखार बेहद आम माना जाता है। इन कमांडो को ब्लैक कैट कमांडो इसलिए कहते हैं क्योंकि ये हमेशा ब्लैक कपड़ों में रहते हैं।
एनएसजी कमांडो की सैलरी काफी अच्छी होती है। जिसमें कि कुछ भत्ते भी होते हैं। लेकिन यहां पर पैसा कभी भी प्राइमरी मोटिवेशन नहीं होता है। अगर कोई कैंडिडेट इस फोर्स में पैसे के लिए शामिल होता है तो किसी न किसी स्टेज पर बाहर होने के चांसेज हो सकते हैं। यहां शामिल होने के लिए जज्बा होना जरूरी है।