इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश का नंबर 1 संस्थान IIT Madras की स्थापना 1959 में की गई थी। बता दें कि यह भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया तीसरा आईआईटी है। IIT Madras तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में स्थित है।
यहां बीटेक कोर्स के साथ एमटेक और डॉक्टोरल लेवल के कोर्स उपलब्ध हैं। उम्मीदवार ड्यूल डिग्री में भी प्रवेश ले सकते हैं। यहां इंजीनियरिंग कोर्स के साथ कई मैनेजमेंट कोर्स भी हैं।
आईआईटी मद्रास देश नंबर 1 इंजीनियरिंग संस्थान है। नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) 2025 ने भी इंजीनियरिंग श्रेणी में पहली रैंक दी है। इंजीनियरिंग करने की इच्छा रखने वाले हर स्टूडेंट का सपना इस संस्थान से शिक्षा प्राप्त करना है।
देश के सबसे प्रसिद्ध और 23 आईआईटी संस्थानों में पहले स्थान प्राप्त करने वाले IIT Madras में ओवरऑल सीटें 1121 हैं। इसमें कुछ सीटें बैचलर ऑफ साइंस प्रोग्राम और ड्यूल डिग्री प्रोग्राम्स के लिए है। बता दें कि 1054 सीटें ओवरऑल सभी कैंडिडेट्स के लिए है, जबकि 67 सीटें छात्राओं के लिए आरक्षित हैं। बता दें की बीटेक कोर्स के लिए यहां 1002 सीटें हैं।
BTech एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, BTech केमिकल इंजीनियरिंग, BTech सिविल इंजीनियरिंग, BTech कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, BTech इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, BTech इंजीनियरिंग फिजिक्स, BTech बाॅयोलाॅजिकल इंजीनियरिंग, BTech मैकेनिकल इंजीनियरिंग, BTech Metallurgical and Materials Engineering, BTech आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स, BTech Computational Engineering and Mechanics, BTech Instrumentation and Biomedical Engineering, BTech Naval Architecture and Ocean Engineering, बैचलर ऑफ साइंस इन फिजिक्स, बायोलॉजिकल साइंस (4 साल, बैचलर ऑफ साइंस), यरोस्पेस इंजीनियरिंग (5 साल, बैचलर और मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (डुअल डिग्री), इंजीनियरिंग डिजाइन (5 साल, बैचलर और मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी (डुअल डिग्री।
सभी आईआईटी की तरह IIT Madras में भी एडमिशन के लिए उम्मीदवार का जेईई एडवांस की परीक्षा पास करना अनिवार्य है। बता दें कि यहां एडमिशन के लिए उम्मीदवार की रैंक 150 से 180 के भीतर होनी चाहिए। कोर्स के अनुसार, रैंक अलग-अलग होती है।
आईआईटी मद्रास में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग जैसे विभिन्न कोर्स हैं। संस्थान में सबसे अधिक सीटें केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स की है।