उत्तर प्रदेश सर्वाधिक एक्सप्रेस वे वाला राज्य है। इन्हीं में एक ऐसा एक्सप्रेस-वे भी है, जो अपनी लंबाई और व्यापक दायरे के कारण सबसे खास माना जाता है।
12 जिलों और 518 गांवों से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे यूपी के विकास और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार देगा। क्या आप जानते हैं कि यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे कौन सा है और इसकी लंबाई कितनी है।
बता दें कि गंगा एक्सप्रेस वे यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेस वे है। इसे देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेस भी माना जा रहा है। मेरठ से प्रयारागज तक बना यह एक्सप्रेस वे 594 किमी लंबा है।
उद्घाटन के लिए तैयार गंगा एक्सप्रेसवे फिलहाल 6 लेन का है, जिसे बाद में 8 लेन में कनवर्ट किया जा सकेगा। गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ जिले में एनएच-334 पर खरखौदा के पास बिजौली गांव से शुरू होगा जो प्रयागराज जिले में एनएच-19 पर सोरांव के पास जूड़ापुर दांडू गांव के पास खत्म होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों (पश्चिम से पूर्व तक) मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, बिलग्राम, मल्लावां, बांगरमऊ, सफीपुर, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरेगा।
गांवों की बात करें तो यह 12 जिलों के 518 ग्राम सभाओं की जमीन से होकर गुजर रहा है। इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की दिशा में यह एक्सप्रेसवे एक मील का पत्थर साबित होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे पर शाहजहांपुर के जलालाबाद के पास एक हवाई पट्टी भी होगी। इस हवाई पट्टी की लंबाई साढ़े तीन किलोमीटर रखी गई है। इसका मकसद आपात स्थिति में बड़े बोइंग विमान को उतारने की है।