दुनिया के इतिहास में सबसे कम समय तक चलने वाले युद्ध के रूप में एंग्लो-जांजीबार युद्ध (Anglo Zanzibar War) का नाम दर्ज है। यह संघर्ष 27 अगस्त 1896 को हुआ था और महज 38–45 मिनट में समाप्त हो गया। बताया जाता है कि युद्ध सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ और घंटेभर के अंदर ही खत्म हो गया। (Image - Chatgpt)
इस युद्ध में जांजीबार सल्तनत और ब्रिटिश साम्राज्य आमने-सामने थे। विवाद की जड़ सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर था। ब्रिटिश समर्थक सुल्तान हमद बिन थुवैनी की मृत्यु के बाद, सुल्तान खालिद बिन बरघाश ने बिना ब्रिटिश अनुमति के खुद को शासक घोषित कर दिया, जिससे तनाव बढ़ गया।
ब्रिटिश सरकार ने खालिद बिन बरघाश को सुबह 9 बजे तक गद्दी छोड़ने का आदेश दिया। जब उन्होंने यह आदेश मानने से इनकार कर दिया, तो ब्रिटिश नौसेना ने 9:02 बजे जांजीबार के तट पर गोलाबारी शुरू कर दी। यह युद्ध काफी हद तक एकतरफा साबित हुआ।
इस हमले में जांजीबार की ओर से लगभग 500 लोग मारे गए या घायल हुए, जबकि ब्रिटिश पक्ष को बेहद मामूली नुकसान हुआ - सिर्फ एक नाविक घायल हुआ। अंग्रेजी सेना ने सुल्तान के महल और उनकी एकमात्र शाही नौका “HHS Glasgow” को भी नष्ट कर दिया।
लगातार हमले के बाद सुल्तान का झंडा सुबह 9:38 से 9:45 बजे के बीच नीचे उतर गया, और इसी के साथ युद्ध समाप्त हो गया। इस तरह, यह जंग केवल जल्दी खत्म होकर इतिहास की सबसे छोटी लड़ाई बन गई।
45 मिनट के भीतर लड़ाई समाप्त हो गई। खालिद महल से भाग निकला और जर्मन दूतावास में शरण ली, जिससे प्रभावी रूप से उसका दावा समाप्त हो गया। ब्रिटिश समर्थित सेनाएं आगे बढ़ीं और हमूद बिन मोहम्मद को नया सुल्तान बना दिया गया।
एंग्लो-जांजीबार युद्ध यह दिखाता है कि कभी-कभी युद्ध का परिणाम समय से नहीं, बल्कि शक्ति संतुलन से तय होता है। यह घटना आज भी इतिहास में अपनी अनोखी अवधि के लिए याद की जाती है।