नदियों ने हमेशा शहरों और सभ्यताओं के विकास में अहम भूमिका निभाई है। वे पीने, खेती, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जिंदगी के लिए पानी देती हैं, साथ ही संस्कृति और परंपराओं को भी आकार देती हैं। दुनिया भर के कई बड़े व मशहूर शहर किसी न किसी नदी किनारे बसे हैं, इन्हीं में से एक शहर लखनऊ है। आइये जानते हैं किस नदी के किनारे बसा है नवाबों की शहर लखनऊ, जानें कहां से कहां तक करती है सफर?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 'गोमती' नदी के किराने बसा है। इसे शहर की जीवनरेखा भी कहा जाता है। ये पीने, सिंचाई और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए पानी देती है। ये न केवल शहर का दिल है, इसका इतिहास भी बड़ा शानदार है।
कुछ स्थानीय लोग इस नदी को गुमटी भी कहते हैं। जबकि अंग्रेजी में इसे GOMTI व GOMATI दोनों तरह से लिखा जाता है।
गोमती में मिलने वाली कुछ महत्वपूर्ण सहायक नदियों में 'सई नदी', 'चौका नदी', 'कथिना नदी' और 'सरयू नदी' शामिल है।
ये गंगा जैसी दूसरी नदियों की तरह हिमालय से नहीं निकलती है। इसके बजाय, GOMTI को बारिश के पानी और जमीन के मौजूद पानी दोनों से पानी मिलता है। गोमती नदी उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिेले में 'माधो टांडा' के पास स्थित गोमत ताल (फुलहार झील) से शुरू होती है।
गोमत ताल (फुलहार झील) से निकलकी यह दक्षिण की ओर बहती है, इस दौरान ये कई महत्वपूर्ण शहरों और जिलों से गुजरती है। यह नदी उपजाऊ मैदानों से गुजरती है, छोटी नदियों और नालों से पानी इकट्ठा करती है, और आखिर में सैदपुर (गाजीपुर जिला) नाम की जगह के पास गंगा नदी में मिल जाती है।
गोमती नदी लगभग 900-960 किलोमीटर लंबी है, जो इसे उत्तर प्रदेश की एक प्रमुख नदी बनाती है। यह लगभग 18,750 वर्ग किलोमीटर के बड़े इलाके को पानी देती है। इस बड़े बेसिन में कई कस्बे, गांव, खेत और जंगल शामिल हैं। नदी के बड़े आकार और जल निकासी क्षेत्र का मतलब है कि यह लाखों लोगों और उनके रोजमर्रा के जीवन को सहारा देती है, खासकर खेती और पीने के पानी की सप्लाई में।