दुनिया में केवल 3 देश अमेरिका, रूस और चीन, जो पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाते हैं। अब भारत भी लड़ाकू विमान यानी फाइटर जेट रखने वाले देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है। अमेरिका के पास एफ 22 और एफ 35, चीन के पास जे 20 और रूस के पास एसयू 57 जैसे लड़ाकू विमान हैं।
भारत के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमान, एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट को मंजूरी मार्च 2024 में दी गई थी। बता दें कि इस योजना के तहत 2031 तक पांच प्रोटोटाइप का उत्पादन करने की योजना बनाई गई है।
मुख्य रूप से भारत में फाइटर जेट रूस, फ्रांस और ब्रिटेन से आते हैं। इसके अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा स्वेदेशी विकास के माध्यम से भी लड़ाकू विमान प्राप्त किए जाने लगे हैं।
भारत का पहला स्वदेशी फाइटर जेट एचएएल एचएफ 24 मारुत था। इसने 24 जून 1961 में पहली उड़ान भरी थी। बता दें कि इस जेट को जर्मन इंजीनियर कर्ट टैंक ने डिजाइन किया था और यह हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा बनाया गया था।
जी हां, 1948 में ब्रिटिश डिजाइन वाले फाइटर जेट डी हैविलैंड वैम्पायर एफ एमके 3 भारत पहुंचा। इसके संचालन के साथ ही भारतीय वायु सेना एशिया की पहली वायु सेना जिसने फाइटर जेट का संचालन किया।
सुखोई Su-30MKI (रूस), डसॉल्ट राफेल (फ्रांस), मिकोयान मिग-29 (रूस), डसॉल्ट मिराज 2000 (फ्रांस), एचएल तेजस (भारत), सेपेकैट जगुआर (यूनाइटेड किंगडम)।
भारतीय वायु सेना (IAF) लगभग 522 फाइटर जेट का संचालन करती है। इसमें 29 से 30 विमान ऐसे होते हैं जो सक्रिय स्क्वाड्रनों में संगठित किए गए हैं।