मार्केटिंग का सेक्टर हमेशा से ग्रोइंग सेक्टर रहा है। और इसमें डिजिटल मार्केटिंग सबसे अधिक ट्रेंड में रहती है। 3 से 12 महीने के इस शॉर्ट टर्म कोर्स में आपको डिजिटल मार्केटिंग टूल्स, सोशल मीडिया एड्स, ईमेल मार्केटिंग, ऑनलाइन प्रमोशन आदि के बारे में सीखाया जाता है।
AI और मशीन लर्निंग की डिमांड समय के साथ बढ़ती जा रही है। ऐसे में यह कोर्स ट्रेंड में रहता है। ऐसे में आप भी ट्रेंड के साथ जुड़ सकते हैं और AI एंड मशीन लर्निंग में शॉर्ट टर्म सर्टिफिकेट कोर्स अपनी स्किल्स को और बढ़ा सकते हैं। यह से 6 से 9 महीने का कोर्स होता है।
हेल्थ केयर सेक्टर में जाने की इच्छा है तो पैरामेडिकल सर्टिफिकेट कोर्स आपके लिए बेहतर ऑप्शन हैं। 12वीं के बाद आप इस कोर्स में सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं। इसमें नर्सिंग केयर, मेडिकल लेबोरेटरी असिस्टेंट आदि प्रोफाइल पर नौकरी कर सकते हैं।
वेब डिजाइनिंग एंड डेवलपमेंट शॉर्ट टर्म कोर्स पीछे कुछ सालों से काफी ट्रेंड में है। यह कोर्स 3 से 6 महीने की अवधि का होता है, जिसमें छात्र को इसमें वेब डिजाइन, फ्रंट एंड डेवलपर, UI/UX डिजाइन, SEO आदि सिखाया जाता है।
3 से 11 महीने की ड्यूरेशन में छात्र बैंकिंग एंड फाइनेंस शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकते है। इसमें डिजिटल बैंकिंग, रिस्क मैनेजमेंट, वेल्थ मैनेजमेंट और फाइनेंशियल मॉडलिंग के बारे में पढ़ाया जाता है। यह बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने वाले छात्रों के लिए एक अच्छा कोर्स है।
12वीं के बाद 3 से 6 महीने का बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन शॉर्ट टर्म कोर्स भी एक अच्छा ऑप्शन है। इसमें आपको मार्केटिंग फाइनेंस, रिटेल मैनेजमेंट, और बिजनेस प्रबंधन की स्किल्स सिखाई जाती है।
शॉर्ट टर्म कोर्स का सबसे अधिक फायदा ये है कि आप इसे ग्रेजुएशन की डिग्री या किसी प्रोफेशनल कोर्स के साथ भी कर सकते है। इसकी ड्यूरेशन केवल 3 से 6 महीने की होती है। कुछ कोर्स ऐसे भी हैं जिनकी ड्यूरेशन 10 महीने की भी है, लेकिन यह कोर्स ऑफर करने वाले संस्थान पर निर्भर करता है।
शॉर्ट टर्म कोर्स आपके करियर को बूस्ट करने में मदद करते हैं। यहां छात्र को नई चीजें सीखने के साथ एक अच्छा एक्सपोजर भी मिलता है, जो स्किल डेवलप करने के साथ छात्र में आत्मविश्वास भी बढ़ता है।