एक्सप्रेसवे से बदलेगा यूपी का रोडमैप, इन 5 मेगा प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

UP Expressway Projects: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने वाले कई बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में हैं। ग्रीनफील्ड मॉडल पर विकसित ये एक्सप्रेसवे न सिर्फ शहरों के बीच दूरी कम करेंगे, बल्कि औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार के अवसर भी बढ़ाएंगे। आने वाले कुछ वर्षों में इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

Authored by: निशांत तिवारीUpdated Jan 5 2026, 15:33 IST
गंगा एक्सप्रेसवे: प्रदेश का सबसे लंबा हाईवेImage Credit : Canva01 / 07

गंगा एक्सप्रेसवे: प्रदेश का सबसे लंबा हाईवे

करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश का अब तक का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाली इस छह लेन की सड़क पर काम लगभग पूरा हो चुका है और इसे फरवरी 2026 तक चालू किए जाने की तैयारी है। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: 45 मिनट में तय होगी दूरीImage Credit : Canva02 / 07

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे: 45 मिनट में तय होगी दूरी

राजधानी लखनऊ और औद्योगिक शहर कानपुर के बीच बनने वाला 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे यात्रा समय को करीब एक तिहाई कर देगा। अभी डेढ़ घंटे में पूरा होने वाला सफर महज 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जिससे दोनों शहरों के बीच आवागमन और व्यापार को बड़ा फायदा मिलेगा।

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल को मिलेगा सीधा फायदाImage Credit : Canva03 / 07

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: पूर्वांचल को मिलेगा सीधा फायदा

गोरखपुर को पुर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला 91 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे तेजी से आकार ले रहा है। चार लेन वाला यह मार्ग भविष्य में छह लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इसके चालू होने से गोरखपुर, आजमगढ़, अंबेडकर नगर और संत कबीर नगर जैसे जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

अलीगढ़-संभल मार्ग: नए स्टेट हाईवे की तैयारीImage Credit : Canva04 / 07

अलीगढ़-संभल मार्ग: नए स्टेट हाईवे की तैयारी

लोक निर्माण विभाग ने अलीगढ़ और संभल को जोड़ने के लिए नए राज्य हाईवे का प्रस्ताव भेजा है। यह सड़क सासनी के रास्ते एनएच-509 और एनएच-32 को जोड़ेगी, जिससे इस क्षेत्र में यातायात का दबाव कम होने और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

विंध्य एक्सप्रेसवे: दक्षिणी यूपी को नई राहImage Credit : Canva05 / 07

विंध्य एक्सप्रेसवे: दक्षिणी यूपी को नई राह

करीब 320 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे सोनभद्र से वाराणसी और प्रयागराज को जोड़ने की योजना पर आधारित है। इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे दक्षिणी यूपी के इलाकों को मुख्यधारा से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

ग्रीनफील्ड मॉडल से बढ़ेगा विकासImage Credit : Canva06 / 07

ग्रीनफील्ड मॉडल से बढ़ेगा विकास

इन सभी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को ग्रीनफील्ड मॉडल पर विकसित किया जा रहा है, यानी नए सिरे से आधुनिक मानकों के साथ निर्माण। इससे न केवल यातायात सुरक्षित होगा, बल्कि भविष्य की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावाImage Credit : Canva07 / 07

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों के मुताबिक, इन एक्सप्रेसवे के चालू होने से लॉजिस्टिक्स, उद्योग और पर्यटन को गति मिलेगी। बेहतर सड़क नेटवर्क से निवेश आकर्षित होगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

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