अगर आप वृंदावन जा रहे हैं तो निश्चित तौर पर आप बांके बिहारी मंदिर तो जा ही रहे होंगे। यहां हर रोज हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। यहां बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के बाद श्रद्धालु कुछ देर वहां रुककर वहां के भक्तिमय माहौल में स्वयं को रमा हुआ पाते हैं।
वृंदावन में जितनी ख्याति बांके बिहारी मंदिर की है, उससे कम इस्कॉन की ख्याति भी नहीं है। सर्दियों में अगर वृंदावन जा रहे हैं तो इस्कॉन मंदिर जाना न भूलें। सुबह के कीर्तन के बाद आप यहां के गार्डन को देखने भी जा सकते हैं।
वृंदावन जा रहे हैं तो आपको प्रेम मंदिर भी जरूर जाना चाहिए। यह मंदिर नया जरूर है, लेकिन पूरी तरह से इटैलियन मार्बल से बना यह मंदिर रात में काफी सुंदर लगता है। यहां पर होने वाला लाइट एंड साउंड शो देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
श्री राधा रमण मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, जिन्हें यहां पर राधा रानी के प्रेमी के रूप में पूजा जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर वृंदावन के ठाकुर के सात मंदिरों में से एक है। इन सात मंदिरों में श्री राधावल्लभ जी, श्री गोविंद देव जी और अन्य चार मंदिर भी आते हैं।
वृंदावन आने वाले हर श्रद्धालु की लिस्ट में निधिवन जरूर होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पर राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण आज भी रात को रास करते हैं। यहां पर अंधेरा ढलने के बाद किसी को भी रुकने की इजाजत नहीं होती है।
वृंदावन के प्रमुख घाटों में से एक केशी घाट भी है। माना जाता है कि यहीं पर भगवान श्रीकृष्ण ने केशी नाम के दानव को मारा था। सर्दियों के मौसम में यमुना किनारे यह घाट सजीव हो उठता है। यमुना जल के ऊपर पड़ने वाली सूर्य की किरणें यहां आने वाले श्रद्धालुओं को मोहित करती हैं।
वृंदावन जा ही रहे हैं तो राधारानी के बरसाना भी जरूर जाएं। पहाड़ के ऊपर बने राधा रानी के मंदिर तक पहुंचना सर्दियों में आसान होता है। हालांकि, यहां पर रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। मंदिर में राधारानी के दर्शन करने के बाद मंदिर प्रांगण से बरसाना की खूबसूरती भी निहार सकते हैं।