मुंबई के पास मौजूद माथेरान भारत का अनोखा हिल स्टेशन है जहां किसी भी प्रकार के वाहन को आने-जाने की अनुमति नहीं है। शांत वातावरण, घने जंगल और पैनोरमिक व्यू तथा इको प्वाइंट जैसे व्यू प्वाइंट इसे बेहद खास बनाते हैं। पुराने औपनिवेशिक भवन और घोड़ा सवारी इसका आकर्षण बढ़ाते हैं।
केरल का इडुक्की घने पहाड़ों, मसालों की खुशबू और शांत बैकवाटर का संगम है। यहां की इडुक्की आर्च डैम इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना है। आसपास के वन्यजीव अभयारण्यों में हाथी, बाघ और अनेक पक्षी दिख जाते हैं।
झुंझुनू के मंडावा में हवेलियों और किलों पर बने रंगीन फ्रेस्को राजस्थान के राजसी इतिहास की अनोखी झलक दिखाते हैं। यहां की संकरी गलियों में चलते हुए हर मोड़ पर कला दिखाई देती है। स्थानीय शिल्प, पकवान और मेहमाननवाज लोग इस जगह को और खास बनाते हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी में बसा माजुली दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है, जो सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। त्योहारों के दौरान द्वीप संगीत, नृत्य और लोक रीति-रिवाजों से जीवंत हो उठता है। प्रवासी पक्षी और नदी किनारे के यहां के दृश्य प्रकृति प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं।
मसूरी के ऊपर स्थित लैंडौर एक शांत, औपनिवेशिक आकर्षण से भरा कस्बा है। यहां की संकरी पगडंडियां, पुरानी इमारतें और शांत कैफे सुकूनभरा माहौल देते हैं। इतिहास से भरे चर्च और लाइब्रेरी इसकी खूबसूरती बढ़ाते हैं। प्रकृति प्रेमी घने जंगलों और हिमालयी चोटियों के विहंगम दृश्यों के बीच लंबे वॉक का आनंद लेते हैं।
कर्नाटक का चिकमगलूर अपने कॉफी बागानों, धुंध से ढकी पहाड़ियों और ठंडे मौसम के लिए जाना जाता है। मुल्लायनगिरि और बाबा बुधनगिरि की चोटियों की ट्रेकिंग रोमांच से भरी होती है। झरने, प्राचीन मंदिर और शांत गांव इसकी सुंदरता को कई गुना बढ़ा देते हैं। रोमांच, विश्राम और प्राकृतिक सौंदर्य का संतुलित अनुभव खोजने वालों के लिए यह बेहतरीन जगह है।
थार मरुस्थल के किनारे बसा खिमसर अपने 16वीं सदी के किले के लिए जाना जाता है, जिसे अब हेरिटेज होटल में बदला गया है। यहां पर्यटक ऊंट सफारी, सुनहरे रेत के टीलों और राजस्थानी संस्कृति का रोमांचक मिश्रण अनुभव करते हैं। ऐतिहासिक किला, पारंपरिक भोजन और रेगिस्तानी दृश्य इसे रोमांटिक और यादगार गंतव्य बनाते हैं।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल जीरो वैली अपनी हरी-भरी धान की खेती, खूबसूरत पहाड़ों और जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। यहां की अपातानी जनजाति अपनी अनोखी परंपराओं और सतत कृषि पद्धतियों के लिए जानी जाती है। हर साल आयोजित जीरो म्यूजिक फेस्टिवल प्रकृति के बीच संगीत प्रेमियों का स्वर्ग बन जाता है।
मेघालय का मावलिन्नॉन्ग एशिया का सबसे साफ गांव माना जाता है। यहां हर घर के बाहर बांस के डस्टबिन और सजे-धजे रास्ते दिखते हैं। यहां आने वाले लोग हरे-भरे ट्रेल्स पर चलते हुए प्रसिद्ध लिविंग रूट ब्रिज को देख सकते हैं। खासी जनजाति की संस्कृति और मेहमाननवाजी का सुंदर अनुभव आप यहां ले सकते हैं।
लद्दाख की नुब्रा घाटी में स्थित डिस्किट शांत पहाड़ों और वीरान लैंडस्केप से घिरा है। यहां की 106 फुट ऊंची मैत्रेय बुद्ध प्रतिमा घाटी को शांति का संदेश देती है। प्राचीन मठ, पारंपरिक घर और घुमावदार रास्ते हर मोड़ पर नया अनुभव देते हैं।