देहरादून उत्तराखंड की शीतकालीन राजधानी है और यह शहर अंग्रेजों के समय का बसा हुआ है। तमाम बड़े अधिकारी और नेता यहां रहते हैं। इसलिए लिहाज से लगता होगा कि देहरादून सबसे अमीर होगा, लेकिन ऐसा नहीं है। 2 लाख, 35 हजार, 707 रुपये पर-कैपिटा इनकम के साथ देहरादून का नंबर तीसरा है।
नैनीताल उत्तराखंड की न्यायिक राजधानी है। यहीं पर हाईकोर्ट है और यह जिला अपने टूरिज्म के लिए जाना जाता है। इसी जिले में कुमाऊं क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर हल्द्वानी भी है। लेकिन नैनीताल जिला सबसे अमीर नहीं, बल्कि यह इस मामले में चौथे नंबर पर है। नैनीताल जिले में पर-कैपिटा इनकम 1 लाख, 90 हजार, 627 रुपये है।
उत्तराखंड का सबसे अमीर जिला हरिद्वार है। हरिद्वार उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन के लिहाज से ही मशहूर नहीं है, बल्कि यह प्रमुख औद्योगिक जिला भी है। यहां कई बड़ी कंपनियों की फैक्टरियां हैं। यहां की परकैपिटा इनकम 3 लाख, 62 हजार, 688 रुपये है।
उत्तराखंड का सबसे अमीर जिला हरिद्वार गढ़वाल में है तो दूसरा सबसे अमीर जिला कुमाऊं क्षेत्र में उधमसिंह नगर जिला है। यहां कि पर-कैपिटा इनकम 2 लाख, 69 हजार, 70 रुपये है।
चमोली जिले में बदरीनाथ सहित धार्मिक पर्यटन से जुड़े कई स्थल हैं। इस जिले की पर-कैपिटा इनकम 1 लाख, 27 हजार, 330 रुपये है और यह राज्य का पांचवां सबसे अमीर जिला है।
चंपावत अपनी 1 लाख, 16 हजार 136 रुपये की पर-कैपिटा इनकम के साथ छठे नंबर है। जबकि 1 लाख, 8 हजार, 640 रुपये पर-कैपिटा इनकम के साथ पौड़ी सातवें नंबर पर है। 8वें नंबर पर मौजूद उत्तरकाशी की पर-कैपिटा इनकम 1 लाख, 7 हजार, 281 रुपये है।
पर-कैपिटा इनकम के आधार पर टिहरी 1 लाख 3 हजार, 345 रुपये के साथ 9वें नंबर पर और अल्मोड़ा 1 लाख, 844 रुपये के साथ 10वें नंबर पर है। एक बार फिर याद दिला दें कि यह आंकड़े साल 2021-222 के हैं।