पटना मेट्रो ट्रेन का पहला रैक बिहार की राजधानी पहुंच चुका है। इसके साथ ही आधुनिक और सुगम परिवहन प्रणाली की ओर पटना का पहला कदम बढ़ चुका है। यह रैक गुजरात के वडोदरा स्थित सेवली में अल्स्टॉम की फैक्ट्री से पटना तक सड़क मार्ग से लाया गया। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
पटना मेट्रो के रैक को शहर के बाईपास स्थित पियर नंबर 133 के पास सावधानीपूर्वक अनलोड किया गया। यह पटना की मेट्रो परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो भविष्य की शहर की तेज और स्मार्ट यात्रा की नींव रखता है। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
मेट्रो रैक के पटना पहुंचने पर पटना मेट्रो रेल निगम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस पल को साझा करते हुए लिखा, 'पटना, क्या आप तैयार हो? जो कभी सपना लगता था, अब वह हकीकत बनने वाला है।' यह संदेश हर पटनावासी में गर्व और उत्साह भर भरने के लिए काफी था। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
मेट्रो सिर्फ एक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि राजधानी पटना के साथ ही पूरे बिहार की तरक्की, उम्मीद और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी है। इससे शहर को एक नई पहचान मिलेगी और बिहार आधुनिकता की ओर कदम आगे बढ़ाएगा। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
पटना मेट्रो के पहले चरण में जिन पांच स्टेशनों से मेट्रो गुजरेगी वह सभी एलिवेटेड कॉरिडोर का हिस्सा हैं। पहले चरण में मेट्रो नया बस अड्डा (New ISBT), जीरा माइल (Zero Mile), भूतनाथ रोड (Bhootnath Road), खेमनिचक (Khemnichak) और मलाही पकड़ी (Malahi Pakdi) स्टेशनों को कनेक्ट करेगी। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
पटना मेट्रो परियोजना में दो प्रमुख कॉरिडोर शामिल हैं – पहला पटना जंक्शन से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक और दूसरा दानापुर से मिठापुर तक। इस परियोजना की कुल लागत 13,365 करोड़ रुपये बताई गई है। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
मेट्रो रैक के पटना पहुंचते ही तकनीकी विशेषज्ञ विद्युत प्रणाली, सुरक्षा मानकों और अन्य परिचालन पहलुओं की गहन जांच करेंगे। यह प्रक्रिया भविष्य में मेट्रो की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। (Photo - x.com/PMRCLofficial)
जैसे ही टेस्ट पूरे होंगे, पटना मेट्रो का ट्रायल रन शुरू किया जाएगा। इससे शहर को एक परिवर्तनकारी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम मिलेगा, जो स्मार्ट, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल होगा। (Photo - x.com/PMRCLofficial)