जिस वायरस की बात हम कर रहे हैं वह है फिल्म 3 इडियट्स में ICE के डायरेक्टर डॉ. वीरू सहस्त्रबुद्धे यानी वायरस। फिल्म में उनका एक डायलॉग है, 'लाइफ इज ए रेस, अगर तेज नहीं भागोगे तो कोई तुम्हें कुचलकर आगे निकल जाएगा।'
फिल्मी 'वायरस' का जिक्र इसलिए क्योंकि फिल्म में बमन ईरानी के इस कैरेक्टर को दोनों हाथों से लिखते हुए दिखाया गया है। ऐसे लोगों को द्विहत्थी यानी Ambidextrous कहा जाता है। हमारे देश में एक ऐसा स्कूल है, जहां बच्चों को द्विहत्थी बनने की ट्रेनिंग दी जाती है।
बच्चों को दोनों हाथों से लिखने की ट्रेनिंग देने वाला यह स्कूल मध्य प्रदेश में है। यह स्कूल MP में रीवा क्षेत्र में सिंगरौली जिले के बुधेला गांव में मौजूद है। इस स्कूल में बच्चों को दोगुना तेज बनाया जाता है।
बच्चों को दोनों हाथों से लिखने की ट्रेनिंग देने वाले इस स्कूल का नाम वीना वादिनी पब्लिक स्कूल है और बताया जाता है कि यहां 150 बच्चे दोनों हाथों से लिखना सीख रहे हैं।
दोनों हाथों से लिखने के लिए दिमाग को खास ट्रेनिंग देनी होती है। इसके लिए दिमाग के दोनों हिस्सों को एक साथ दो अलग-अलग काम करने की ट्रेनिंग दी जाती है।
स्कूल में आने वाले बच्चों को पहले एक हाथ से और फिर दूसरे हाथ से लिखने की प्रैक्टिस करायी जाती है। इसके बाद दोनों हाथों का इस्तेमाल करने की क्लास शुरू होती है।
(दिल्ली का पहला मॉल) इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को हिंदी के साथ अंग्रेजी, संस्कृत, ऊर्दू, और स्पैनिश भी सिखायी जाती है।
(नैनीताल के सस्ते होटल) स्कूल को 1999 में शुरू किया गया था। अब तक स्कूल से करीब 500 छात्र दोनों हाथों से लिखने की ट्रेनिंग ले चुके हैं।