उत्तर प्रदेश का सबसे लंबा 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) एक्सप्रेसवे खुलने जा रहा है। अब 302 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे (Agra-Lucknow Expressway) से सीधा कनेक्ट किया जाएगा। इन दोनों एक्सप्रेसवे को कनेक्ट करने के लिए हरदोई से लेकर इटावा तक एक नया लिंक एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा, जिससे इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर और हरदोई जुड़ेंगे। इस लिंक एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश के तीन हाईटेक मार्ग एक साथ कनेक्ट होंगे, जिससे पूर्वांचल से लेकर पश्चिमांचल के लोगों का सफर आसान होगा। आइये जानते हैं इस मार्ग का रूट मैप क्या है?
दरअसल, इटावा के कुदरैल गांन में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे से बुंदेलखंड़ एक्सप्रेसवे (Bundelkhand Expressway) को जोड़ने वाले चैनेज से गंगा एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए नया एक्सप्रेसवे बनाया जा रहा है। यह नया एक्सप्रेसवे हरदोई जिले की सवायजपुर तहसील के कौसिया गांव में गंगा एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। यह नवनिर्मित एक्सप्रेसवे इटावा से हरदोई को वाया फर्रुखाबाद जोड़ेगा। फिलहाल, इस लिंक एक्सप्रेसवे को निर्माण करने के लिए शासन की ओर से स्वीकृति मिलने के बाद यूपीडा (UPEIDA) ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
हरदोई-इटावा लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए रेडीकान इंडिया लिमिटेड (Readycon India Limited) को प्रोजेक्ट डेवलेपमेट कंसल्टेंट के रूप में चयन किया है। इटावा और फर्रुखाबाद और हरदोई जिले को सीधे जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा ही साथ ही चित्रकूट एक्सप्रेसवे (Chitrakoot Expressway) से भी जुड़ेगा। UPEIDA के निर्देश पर जिला प्रशासन एवं विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने एलाइनमेंट (रूट पर पड़ने वाले) सवायजपुर और शाहाबाद तहसीलों के राजस्व गावों से संबंधित राजस्व नक्शों एक अभिलेखों को उपलब्ध करवाने के लिए पत्र लिखा है।
दैनिक जागरण के हवाले से सवायजपुर तहसील क्षेत्र के कहराई, नकटौरा सिसला, कहराई नकटौरा पनसाला, रायपुर, तिमिरपुर, सौदापुर, कौसिया ग्राम पंचायतों के साथ शाहाबाद तहसील के नगला मऊ ग्राम पंचायत आ रही हैं। नक्शा बनने के बाद तय होगा कि किसानों की भूमि अधिग्रहित की जाए। लाभान्वित किसानों को शासन के निर्देशानुसार पूर्व में हुए बैनामा और सर्किल रेट में जो भी अधिक होगा उसका चार गुणा भुगतान दिया जाएगा।
हरदोई-इटावा लिंक एक्सप्रेसवे का शाहजहांपुर, सीतापुर, लखीमपुर खीरी के साथ नेपाल सीमा से सटे हुए जिले को लोग बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों को जाने के लिए इस एक्सप्रेसवे का उपयोग करेंगे। आगरा एवं गंगा एक्सप्रेसवे के यात्री भी इस लिंक एक्सप्रेसवे का उपयोग एक एक्सप्रेसवे पर जाने के लिए कर सकेंगे। एक्सप्रेसवे के बनने के साथ गंभीरी, रामगंगा (Ramganga River), गंगा नदियों (Ganga River) पर बनने वाले पुल से सीधे स्थानीय ग्रामीण भी लाभान्वित होंगे।
यूपीडी के द्वारा निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिलों से होकर गुजरेगा, जो मेरठ से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा। इन 12 जिलों में मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ से होते हुए प्रयागराज शामिल हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इसी साल के दिसंबर माह में खोला जा सकता है। इससे प्रयागराज महाकुंभ 2025 (Prayagraj Mahakumbh 2025) में आने वाले श्रद्धालुओं को सीधा लाभ मिलेगा। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे को एक साथ जोड़कर उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी को एक बड़ा बढ़ावा देगा।