दिल्ली भारत का सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है। यहां दिल्ली समेत एनसीआर के कुछ हिस्सों तक फैले कॉरिडोर पर दिनभर प्रत्येक 10 मिनट में मेट्रो सेवाएं उपलब्ध हैं। फिलहाल, 400 किलोमीटर ट्रैक फैले हैं और चौथे चरण की परियोजना का कार्य चल रहा है। इसी बीच पांचवे चरण को भी मजूरी दे दी गई है, जिसके तहत 3 कॉरिडोर पर 13 नए स्टेशनों के निर्माण के लिए बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें मैजेंटा लाइन भी शामिल है, जो विस्तार के बाद दिल्ली का सबसे बड़ा मेट्रो रूट बन जाएगा।
दिल्ली मेट्रो की 12 कलर कोडेट लाइनें हैं, जिनमें से मैजेंटा लाइन भी है। मैजेंटा लाइन 89 किलोमीटर तक विस्तार के बाद भारत का सबसे लंबा मेट्रो कॉरिडोर-रूट बन जाएगा। इस रूट पर सबसे अधिक इंटरचेंच और अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। इसके विस्तार से राजधानी दिल्ली के बड़ी संख्या में यात्रियों को सहूलियत होगी।
दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) के मुताबिक, फेज-5 (A) को मंजूरी मिलने के बाद मैजेंटा लाइन का विस्तार रामकृष्ण आश्रम मार्ग से सेंट्रल विस्टा होते हुए इंद्रप्रस्थ तक होना तय हुआ है, जिससे इस रूट के यात्रियों को सफर में काफी आसानी होगी। डीएमआरसी ने क्लियर किया फेज-4 के तहत इंद्रप्रस्थ-इंद्रलोक कॉरिडोर को भी मैजेंटा लाइन के विस्तार के रूप में जोड़ा गया है।
चौथे-पांचवें चरण के विस्तार के बाद बोटैनिकल गार्डन से इंदरलोक तक मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई 89 किलोमीटर की होगी, जिससे दिल्ली के सबसे बड़े कॉरिडोर के रूप में इसे दर्ज किया जाएगा। खास बात ये है कि रूट के विस्तार के बाद मेट्रो ट्रेनों को बिना ड्राइवर के चालक रहित काम करेगी।
मैजेंटा लाइन के पूरी तरह निर्माण के बाद रूट पर 65 स्टेशन होंगे और कुल 21 इंटरचेंज होंगे, जहां से लोग अन्य रूटों के लिए मेट्रो पकड़ सकेंगे। मौजूदा समय में संचालित कॉरिडोर में चार इंटरचेंज हैं, जिनमें कालकाजी मंदिर, बोटैनिकल गार्डन, जनकपुरी और हौज खास हैं, जहां से लोग अन्य जगहों के लिए मेट्रो चेंज कर सकते हैं।
मैजेंटा लाइन कॉरिडोर पर कुल 65 स्टेशन होंगे, जिनमें से 40 अंडरग्राउंड यानी जमीन के अंदर होंगे। डीएमआरसी ने बताया कि फेज-4 और फेज-5 के तहत कुल 17 नए इंटरचेंज स्टेशन जोड़े जाएंगे, जिनमें कालिंदी कुंज, चिराग दिल्ली, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1, पीरागढ़ी, पीतमपुरा (मधुबन चौक), हैदरपुर बादली मोड़, मजलिस पार्क, आजादपुर, पुलबंगश, नबी करीम, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, शिवाजी स्टेडियम, केंद्रीय सचिवालय, इंदप्रस्थ, दिल्ली गेट, नई दिल्ली और इंद्रलोक बनाए जाएंगे। इनमें से केंद्रीय सचिवालय, आजादपुर, नई दिल्ली और इंद्रलोक ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन के रूप में डेवलप किए जाएंगे।
डीएमआरसी का मानना है कि बड़ी संख्या में इंटरचेंज यात्रियों के लिए काफी सहूलियत देंगे, जिससे अन्य कॉरिडोर पर भीड़भाड़ घटेगी। इस रूट पर हैदरपुर बादली मोड़ मेट्रो स्टेशन इस नेटवर्क का सबसे ऊंचा एलिवेटेड स्टेशन होगा, जिसकी ऊंचाई करीब 28.36 मीटर तक होगी। फिलहाल, हौज खास स्टेशन की गहराई 29 मीटर के साथ दिल्ली का सबसे गहरा अंडरग्राउंड स्टेशन होगा।