शेयर के बदले ले सकते हैं आसानी से लोन, जानें यह फीचर कैसे करता है काम

आज के समय में निवेश करने वाले लोगों के पास सिर्फ सेविंग अकाउंट या एफडी ही नहीं, बल्कि शेयर बाजार में लगाया गया पैसा भी एक बड़ी संपत्ति बन चुका है। कई निवेशक ऐसी स्थिति में होते हैं जब उन्हें अचानक पैसों की जरूरत पड़ जाती है, लेकिन वे अपने शेयर बेचना नहीं चाहते। ऐसे में शेयर के बदले लोन (Loan Against Shares) एक आसान और समझदारी भरा विकल्प बनकर सामने आता है।

Authored by: रिचा त्रिपाठीUpdated Jan 22 2026, 14:03 IST
क्या होता है शेयर​ के बदले लोन? Image Credit : Canva01 / 07

क्या होता है शेयर​ के बदले लोन?

शेयर के बदले लोन वह सुविधा है, जिसमें आप अपने पास मौजूद शेयर, म्यूचुअल फंड या ETF को गिरवी रखकर बैंक या NBFC से लोन ले सकते हैं। इसमें आपको अपने शेयर बेचने की जरूरत नहीं होती और वे आपके नाम पर ही रहते हैं। लोन चुकाने के बाद शेयर फिर से पूरी तरह आपके कंट्रोल में आ जाते हैं।

कैसे मिलता है यह लोन?Image Credit : Canva02 / 07

कैसे मिलता है यह लोन?

इस सुविधा के लिए निवेशक को बैंक या फाइनेंस कंपनी के पास आवेदन करना होता है। आपको अपने डीमैट अकाउंट की जानकारी देनी होती है। इसके बाद कंपनी आपके शेयरों की वैल्यू देखती है और आमतौर पर 50% से 70% तक लोन मंजूर करती है। प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल भी हो सकती है और पैसा जल्दी खाते में आ जाता है।

​किन शेयरों पर मिलता है लोन?​Image Credit : Canva03 / 07

​किन शेयरों पर मिलता है लोन?​

हर शेयर पर लोन नहीं मिलता। आमतौर पर बड़ी और भरोसेमंद कंपनियों के शेयर, जिन्हें ब्लू-चिप स्टॉक्स कहा जाता है, उन्हीं पर लोन दिया जाता है। इसके अलावा म्यूचुअल फंड और ETF पर भी यह सुविधा मिल सकती है। जोखिम भरे या बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव वाले शेयरों पर लोन नहीं मिलता।

​ब्याज दर कितनी होती है?​Image Credit : Canva04 / 07

​ब्याज दर कितनी होती है?​

शेयर के बदले मिलने वाले लोन की ब्याज दर आमतौर पर पर्सनल लोन से कम होती है। यह दर 9% से 12% के बीच हो सकती है, जो बैंक और आपके प्रोफाइल पर निर्भर करती है। क्योंकि इसमें शेयर गिरवी होते हैं, इसलिए लेंडर का जोखिम कम रहता है।

​लोन की अवधि और चुकाने का तरीका​Image Credit : Canva05 / 07

​लोन की अवधि और चुकाने का तरीका​

इस तरह के लोन की अवधि आमतौर पर 1 से 3 साल तक होती है। कुछ मामलों में ओवरड्राफ्ट जैसी सुविधा भी मिलती है, जिसमें आप जरूरत के हिसाब से पैसा निकाल सकते हैं और केवल उपयोग की गई राशि पर ही ब्याज देना होता है।

​शेयर की कीमत गिरी तो क्या होगा?​Image Credit : Canva06 / 07

​शेयर की कीमत गिरी तो क्या होगा?​

अगर लोन के दौरान शेयर की कीमत बहुत ज्यादा गिर जाती है, तो बैंक आपसे अतिरिक्त शेयर गिरवी रखने या कुछ रकम चुकाने के लिए कह सकता है। इसे मार्जिन कॉल कहा जाता है। अगर ऐसा नहीं किया गया, तो बैंक शेयर बेचकर अपना पैसा वसूल सकता है।

​शेयर के बदले लोन के फायदे​Image Credit : Canva07 / 07

​शेयर के बदले लोन के फायदे​

इस लोन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको निवेश तोड़ना नहीं पड़ता। आप बाजार में बने रहते हैं और शेयर की वैल्यू बढ़ने का फायदा भी उठा सकते हैं। साथ ही यह टैक्स प्लानिंग के लिहाज से भी बेहतर हो सकता है, क्योंकि शेयर बेचने पर लगने वाला कैपिटल गेन टैक्स नहीं देना पड़ता।

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