पिछले साल कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि उनकी नेटवर्थ 20000 करोड़ रु रह गई है। अब कहां 3.54 लाख करोड़ रु और कहां 20000 करोड़ रु।
इस दौरान फरवरी 2020 में ऐसा समय भी आया जब अनिल अंबानी ने ब्रिटेन की एक अदालत को बताया कि उनकी देनदारियों को ध्यान में रखते हुए उनकी कुल नेटवर्थ शून्य है।
उन्होंने कहा था कि उनके पास कोई "मीनिंगफुल एसेट्स" नहीं है। अनिल अंबानी की रिलायंस कैपिटल दिवालिया हो गई।
वहीं 2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी को जेल भेजने की चेतावनी दी थी, क्योंकि आरकॉम एरिक्सन एबी की भारतीय यूनिट को 550 करोड़ रुपये का भुगतान करने में विफल रही थी।
2019 में भी अनिल अंबानी की नेटवर्थ 16000 करोड़ के आस-पास थी। हालांकि बीते कुछ समय में उनकी कंपनियों ने कर्ज चुकाया है और उनकी मार्केट कैप बढ़ी है।
हाल ही में रिलायंस पावर की यूनिट रोजा पावर सप्लाई कंपनी ने सिंगापुर के कर्जदाता वर्डे पार्टनर्स को 485 करोड़ रुपये का और कर्ज चुका दिया, जिससे ये कर्ज-मुक्त कंपनी बन गई। अनिल अंबानी का रिलायंस ग्रुप अब कर्ज खत्म करने पर फोकस कर रहा है।