क्रिप्टो बाजार में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एक ऐसी डिजिटल करेंसी चर्चा में है, जिसे लोग अब “क्रिप्टो करेंसी का बाप” कहने लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि यह नया या उभरता क्रिप्टो प्रोजेक्ट टेक्नोलॉजी, स्पीड और कम लागत के मामले में बिटकॉइन से कई कदम आगे है। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले एक साल में यह बिटकॉइन की बादशाहत को चुनौती दे पाएगा या फिर उसे पूरी तरह पीछे छोड़ देगा। क्रिप्टो निवेशकों के बीच इसको लेकर उत्सुकता और बहस दोनों चरम पर हैं।
Litecoin इस समय Bitcoin की चाल के साथ ही चल रहा है। यानी जब Bitcoin ऊपर जाता है, तो Litecoin भी उसके साथ तेजी दिखाता है। लेकिन अभी Litecoin के सामने एक बड़ी रुकावट है। तकनीकी चार्ट बताते हैं कि $79.60 (करीब ₹6,500) के आसपास Litecoin को ऊपर जाने में दिक्कत आ सकती है। इस स्तर पर बिकवाली बढ़ जाती है, जिससे कीमत आगे नहीं बढ़ पाती। आसान शब्दों में कहें तो अगर Litecoin इस लेवल को पार नहीं कर पाया, तो इसकी तेजी यहीं थम सकती है और कीमत कुछ समय तक सीमित दायरे में ही घूम सकती है।
Litecoin ने हाल ही के ट्रेडिंग सेशन में बुलिश बंद किया, यानी बाजार की धारणा सकारात्मक रही, लेकिन अभी भी आगे बढ़ने के लिए उसे कुछ प्रमुख तकनीकी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा रेंज में $75.20 (लगभग ₹5,200) से ऊपर बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है। अगर LTC इस सपोर्ट के नीचे गिर जाता है, तो बाजार की धारणा नकारात्मक हो सकती है और कीमत और गिर सकती है।
सबसे बड़ी बात यह है कि Litecoin भारी रूप से Bitcoin की सीट में चल रहा है। इसका मतलब है कि अगर Bitcoin की तेजी बरकरार रहती है, तो Litecoin को भी फायदा मिल सकता है। इसके उलट, अगर Bitcoin कमजोर होता है, तो Litecoin भी दबाव में आ सकता है।
ट्रेडर्स के लिए $79.60 वह स्तर है जहां बेचने का दबाव बढ़ सकता है यानी buyers को लेकर मुश्किल हो सकती है और coin ऊपर नहीं जा पाता। यह तकनीकी दृष्टि से एक क्लोज-रूप से महत्वपूर्ण बाधा माना जा रहा है।
अगर LTC इस स्तर से ऊपर तड़कता है और स्थिर रहता है, तो यह बुलिश सींग्नल दे सकता है और आगे की तेजी भी संभव है। लेकिन अगर यह स्तर पार नहीं होता है, तो LTC sideways movement या गिरावट भी देख सकता है।
कुछ विश्लेषण बताते हैं कि यह रेज़िस्टेंस Litecoin के चार्ट पर एक तकनीकी झुकी रेखा का हिस्सा है जो पिछले महीनों में कई बार टेस्ट हुई है। यहां तक कि कुछ डेटा संकेत करते हैं कि यह स्तर Fibonacci retracement (एक विश्लेषण तकनीक) के निकट भी है जिसका अर्थ है कि ट्रेडर्स इसे महत्वपूर्ण मानते हैं।
Litecoin ने हाल ही में Bitcoin की चाल को फॉलो किया है, यानी बड़ा क्रिप्टो लीडर (Bitcoin) अगर ऊपर जाता है, तो LTC भी आमतौर पर उसके साथ ऊपर जाता है। फिर भी $79.60 एक तनावपूर्ण तकनीकी स्तर है जहां ऊपर की तरफ आगे बढ़ना आसान नहीं है।
Litecoin के हाल के डेटा में देखा गया है कि यह लगातार उतार-चढ़ाव (volatile) का सामना कर रहा है। इस वजह से ट्रेडर्स को सावधानी से एन्ट्री और एग्ज़िट पॉइंट्स चुनने की सलाह दी जा रही है। मजबूत सपोर्ट को तोड़े बिना नए ट्रेड में जाना जोखिम भरा हो सकता है। इस तरह के माहौल में, अनुभवी ट्रेडर्स आमतौर पर तकनीकी संकेतों और मार्केट वॉल्यूम को ध्यान में रखते हैं।