सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि EPFO में आपका PF अकाउंट असल में बंद नहीं होता। आपका UAN (Universal Account Number) जीवनभर के लिए होता है। चाहे आप नौकरी बदलें, कुछ समय बेरोजगार रहें या पूरा पैसा निकाल लें, आपका UAN एक्टिव ही रहता है।
EPFO से पूरा पैसा निकालने के लिए आपको अकाउंट बंद कराने की जरूरत नहीं होती। अगर आप नियमों के मुताबिक पात्र हैं, तो आप Final Settlement के जरिए पूरा PF अमाउंट निकाल सकते हैं और आपका UAN फिर भी बना रहेगा।
EPFO के नियमों के अनुसार कुछ खास परिस्थितियों में कर्मचारी अपने EPF अकाउंट से पूरी जमा राशि निकाल सकता है। अगर कर्मचारी की उम्र 58 साल पूरी हो जाती है, तो वह रिटायरमेंट के बाद पूरा EPF निकालने का हकदार होता है। इसी तरह, रिटायरमेंट या वॉलंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) लेने के बाद भी पूरा पैसा निकाला जा सकता है। यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ने के बाद लगातार दो महीने तक बेरोजगार रहता है और इस दौरान नई नौकरी जॉइन नहीं करता, तो ऐसी स्थिति में भी EPFO पूरा EPF निकालने की अनुमति देता है।
जब आप पूरा PF निकाल लेते हैं, तो अकाउंट में बैलेंस शून्य हो जाता है। इसे लोग “अकाउंट बंद होना” समझ लेते हैं, जबकि असल में अकाउंट इनऑपरेटिव (बिना बैलेंस वाला) हो जाता है। भविष्य में नई नौकरी मिलने पर उसी UAN से नया PF जुड़ सकता है।
अगर आप सिर्फ नौकरी बदल रहे हैं, तो PF निकालना समझदारी नहीं मानी जाती। बेहतर है कि आप PF ट्रांसफर कराएं। इससे आपकी सर्विस कंटिन्यूटी बनी रहती है, ब्याज मिलता रहता है और रिटायरमेंट फंड मजबूत होता है।
EPF अकाउंट के साथ EPS यानी कर्मचारी पेंशन योजना भी जुड़ी होती है, लेकिन दोनों के नियम एक जैसे नहीं होते। अगर आपकी कुल नौकरी की अवधि 10 साल से कम है, तो आप PF निकालते समय EPS में जमा पेंशन का पैसा भी एकमुश्त निकाल सकते हैं। वहीं, अगर आपकी सर्विस 10 साल या उससे ज्यादा हो चुकी है, तो EPS का पैसा सीधे नहीं निकाला जा सकता। ऐसी स्थिति में EPFO आपको एक पेंशन सर्टिफिकेट जारी करता है, जिसके आधार पर 58 साल की उम्र पूरी होने पर आपको मासिक पेंशन मिलती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि पूरा PF निकाल लेने के बाद भी पेंशन से जुड़े नियम अलग से लागू होते हैं।
अब EPFO से पैसा निकालने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान और सुविधाजनक हो गई है। कर्मचारी EPFO की आधिकारिक वेबसाइट या UMANG ऐप के जरिए घर बैठे ही अपना क्लेम फाइल कर सकते हैं। अगर आपका आधार, पैन और बैंक अकाउंट EPF अकाउंट से लिंक है, तो किसी दफ्तर जाने या कागजी कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती। EPF की राशि निकालने के लिए Form 19 और पेंशन से जुड़े क्लेम के लिए Form 10C या Form 10D ऑनलाइन भरकर पूरा पैसा आसानी से निकाला जा सकता है।