कई कर्मचारियों ने चिंता जताई कि कहीं उनका PF जमा ही न हुआ हो या कहीं सिस्टम में कोई बड़ी दिक्कत न आ गई हो। इस बढ़ती चिंता को देखते हुए EPFO ने तुरंत एक आधिकारिक नोटिस जारी कर स्थिति स्पष्ट की।
EPFO ने कहा कि पासबुक में एंट्री न दिखने की वजह सिर्फ तकनीकी देरी है, और सदस्यों के सभी योगदान पूरी तरह सुरक्षित हैं। यानी पैसा अकाउंट में ही है बस कुछ टेक्निकल दिक्क्तों की वजह से पासबुक में एंट्री नहीं दिख रही है
संस्था ने समझाया कि बैकएंड लेजर सिस्टम में बड़े स्तर पर अपग्रेड किया जा रहा है, जिसके कारण सितंबर और अक्टूबर के अपडेट सामान्य समय पर पासबुक में प्रतिबिंबित नहीं हो पा रहे हैं। EPFO के मुताबिक यह एक अस्थायी समस्या है, और सारी एंट्री जल्द ही पासबुक में वापस दिखने लगेंगी।
EPFO ने स्पष्ट किया कि ECR यानी Electronic Challan-cum-Return लेजर सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है। यही वह मैकेनिज्म है जो हर महीने नियोक्ताओं द्वारा जमा किए गए PF योगदान को सदस्यों की पासबुक में दर्ज करता है। इस अपग्रेड के दौरान डेटा पोस्टिंग की प्रक्रिया धीमी हो गई है।
EPFO ने बताया कि यह देरी किसी भी तरह की गड़बड़ी, डेटा लॉस या प्रशासनिक गलती के कारण नहीं है। यह पूरी तरह से सिस्टम सुधार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य EPF सेवाओं को और आधुनिक व तेज़ बनाना है। संस्था ने असुविधा के लिए खेद जताते हुए भरोसा दिलाया कि योगदान किसी भी स्थिति में गायब नहीं होगा। अपग्रेड पूरा होते ही सभी रिकॉर्ड क्रमवार तौर पर पासबुक में दिखाई देने लगेंगे।
EPFO का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद क्लेम फाइलिंग, पासबुक व्यू, अकाउंट एक्सेस और डेटा अपडेट पहले से काफी तेज हो जाएंगे। यानी यह अस्थायी देरी आने वाले समय में उपयोगकर्ताओं को बेहतर सुविधा देने के लिए है।
सिस्टम सुधार के साथ ही EPFO ने कुछ नए डिजिटल टूल भी लॉन्च किए हैं, जिनका उद्देश्य सदस्यों और पेंशनर्स की सुविधा बढ़ाना है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण फीचर है फेशियल ऑथेंटिकेशन आधारित लाइफ सर्टिफिकेट, ऑनलाइन प्रोफाइल मॉडिफिकेशन, ऑनलाइन प्रोफाइल मॉडिफिकेशन, Passbook Lite फीचर लॉन्च
नया ‘Passbook Lite’ डैशबोर्ड किसी भी सदस्य को उसके योगदान, निकासी और बैलेंस का सबसे ताज़ा स्नैपशॉट दिखाता है। इसमें पुराने कई पन्ने देखने की जरूरत नहीं पड़ती। यह फीचर खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो हर महीने के योगदान को तुरंत ट्रैक करना चाहते हैं।
जैसे ही लेजर सिस्टम का अपग्रेड पूरा होगा, सितंबर और अक्टूबर 2025 की सभी मिसिंग एंट्री अपने आप पासबुक में दिखाई देंगी। इसके लिए कर्मचारियों को किसी तरह की अतिरिक्त प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं है।