धीरूभाई अंबानी ने 1966 में रिलायंस कमर्शियल कॉर्पोरेशन की स्थापना की, जो 1973 में रिलायंस इंडस्ट्रीज बन गयी। उन्होंने 1977 में कंपनी को पब्लिक (शेयर बाजार में लिस्ट) कर दिया, जिससे यह भारत के सबसे बड़े ग्रुपों में से एक बन गयी।
अंबानी को भारत में पॉलिएस्टर फिलामेंट यार्न (पीएफवाई) की शुरुआत करने का भी श्रेय दिया जाता है। इससे कपड़ा उद्योग में क्रांति आ गई।
अपने समय में अंबानी ने विश्व के सबसे बड़े जमीनी स्तर के पेट्रोकेमिकल्स कॉम्प्लेक्स की स्थापना में अहम भूमिका निभाई। इससे इस सेक्टर को एक नयी दिशा मिली।
अंबानी को ही भारत के दूरसंचार क्षेत्र में बदलाव लाने का श्रेय दिया जाता है। ये काम उन्होंने रिलायंस कम्युनिकेशंस की शुरुआत करके किया था। उन्होंने वित्तीय उत्पादों और सेवाओं की एक बड़ी रेंज की पेशकश करने वाली रिलायंस कैपिटल की स्थापना की।
अंबानी ने रिलायंस को टेक्सटाइल्स, पेट्रोकेमिकल्स, रिफाइनिंग और टेलीकॉम जैसे सेक्टरों में फैलाने के साथ-साथ ही कंपनी का नेटवर्क 100 से अधिक देशों में पहुंचाया।