वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें सरकार को मिलने के बाद ही इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिफारिशें मानने के बाद उन्हें लागू करने के लिए जरूरी फंड का इंतजाम भी कर दिया जाएगा।
8वें वेतन आयोग का गठन हो चुका है। इसके Terms of Reference (ToR) को प्रधानमंत्री मोदी ने 28 अक्टूबर को मंजूर किया। इसके बाद 3 नवंबर को वित्त मंत्रालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी। ToR के जरिए आयोग को यह निर्देश दिए गए हैं कि वह कर्मचारियों की सैलरी संरचना और पेंशन सुधार पर सुझाव दें।
कई कर्मचारियों के मन में सवाल है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले DA बढ़ेगा या नहीं। इसका जवाब है कि DA पहले की तरह ही बढ़ता रहेगा। DA आपकी मौजूदा बेसिक सैलरी पर ही कैलकुलेट होगा। जनवरी और जुलाई में इसकी समीक्षा जारी रहती है और फॉर्मूला भी वैसा ही है जैसा पहले था।
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में अब बेसिक पे का हिस्सा घटकर करीब 50% रह गया है। पहले यह करीब 65% होता था। ऐसे में DA महंगाई से सुरक्षा देने वाला सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। हाल ही में 1 अक्टूबर को मिली 3% DA वृद्धि ने कर्मचारियों के परिवारों को महंगाई से राहत दी।
7वें वेतन आयोग ने पे मैट्रिक्स शुरू किया था। अब 8वां वेतन आयोग उसी को और आधुनिक बनाने का काम करेगा। यह आयोग नई आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार सैलरी स्ट्रक्चर अपडेट करेगा। अगर यह 1 जनवरी 2026 से लागू किया जाता है, तो करीब 50 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर यानी करीब 1.19 करोड़ लोग इससे लाभान्वित होंगे।
जब तक 8वें वेतन आयोग लागू नहीं होता, कर्मचारियों की महंगाई से सुरक्षा DA ही प्रदान करेगा। DA बढ़ने से कर्मचारियों की आय महंगाई के अनुसार एडजस्ट होती रहती है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि वे अपने रोजमर्रा के खर्च को आसानी से मैनेज कर सकें।
सरकार का मकसद यह है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने तक कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिलती रहे। DA के जरिए उनकी सैलरी महंगाई के अनुसार एडजस्ट होती रहती है। इसके अलावा आयोग लागू होने के बाद बेसिक सैलरी और पे मैट्रिक्स में बदलाव के जरिए पूरी सैलरी संरचना नई होगी, जिससे कर्मचारियों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।