विभाग के सचिव जय सिंह ने बताया कि अभी तक रैयत को किसी डॉक्यूमेंट की अभिप्रमाणित प्रति लेने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। सत्यापित प्रति प्राप्त करने में ही 7 से 14 दिनों का समय लग जाता है। इतना ही नहीं, आवेदक को कार्यालय के चक्कर भी लगाने पड़ते थे।
यह पुरानी प्रक्रिया खासकर ग्रामीण इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे व्यक्तियों के लिए अधिक खर्चिली और कष्टकारी होती थी।
नई व्यवस्था के साथ अब रैयतों को स्टाम्प शुल्क जमा करने और कार्यालयों के चक्कर काटने की झंझट से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा। अब भू अभिलेख पोर्टल से जरूरी शुल्क देकर डॉक्यूमेंट्स प्राप्त किए जा सकेंगे।
किसी स्थिति में अगर कोई राजस्व अभिलेख ऑनलाइन नहीं है तो इसकी ऑनलाइन मांग भी दर्ज की जा सकेगी। सत्यापन के बाद इसे डिजिटल हस्ताक्षरित प्रति के रूप में पोर्टल पर उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा आम नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही ऑनलाइन सेवाओं को biharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi/ वेबसाइट पर विजिट कर प्राप्त किया जा सकता है।
डिजिटल हस्ताक्षरित भू अभिलेख की ऑनलाइन सर्विस के लिए यूजर को अपने मोबाइल नंबर से लॉग-इन करने की जरूरत होगी। नए यूजर को नए पंजीकरण के लिए दिए गए लिंक पर क्लिक करने की जरूरत होगी।
लिंक पर क्लिक करने के साथ व्यक्तिगत और पते की जानकारियां देनी होंगी। पंजीकरण के बाद लॉग-इन किया जा सकेगा। इसके बाद, म्यूटेशन के लिए आवेदन कर सकते हैं।