अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप ने भूटान में एंट्री की है और वहां 1,270 मेगावाट की सोलर और पनबिजली (Hydroelectric) प्रोजेक्ट्स डेवलप करने की योजना का ऐलान किया है।
रिलायंस ने इस वेंचर के लिए एक नई कंपनी रिलायंस एंटरप्राइजेज की स्थापना की है, जिसकी प्रमोटर रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड होंगी।
वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपने कर्ज को 80% तक कम कर दिया है और लगभग 3,831 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने बॉन्ड जारी कर 2,930 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। फंड जुटाने का प्लान रिलायंस पावर का भी है।
रिलायंस पावर ने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर लिमिटेड (वीआईपीएल) के लिए गारंटर के रूप में अपनी सभी गारंटी दायित्वों का निपटान कर दिया है। इस निपटान से वीआईपीएल के 3872.04 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज की कॉर्पोरेट गारंटी, अंडरटेकिंग्स और सभी इससे जुड़े दायित्वों और क्लेम को मुक्त कर दिया गया है।
रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने 24 घंटे में अस्थायी बिजली कनेक्शन देने के लिए एक नई पहल शुरू की है। कंज्यूमर ग्राहक सेवा केंद्रों, व्हाट्सएप या डिजिटल सर्विस सेंटर के जरिए कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये सभी वो चीजे हैं, जो अनिल अंबानी के अच्छे दिन आने के संकेत माने जा रहे हैं।