महेश बाबू की डाइट में दूध, दही और दूसरे डेयरी उत्पाद शामिल नहीं होते। खासतौर पर वह ट्रेडिशनल कर्ड राइस से भी दूरी रखते हैं। यानी फिटनेस रूटीन में डेयरी उनकी पसंद की चीज नहीं है।
कर्ड राइस भारतीय घरों का बेहद आम खाना है, लेकिन महेश बाबू इसे अपनी नियमित डाइट का हिस्सा नहीं बनाते। उनके भोजन में ऐसे विकल्प ज्यादा जगह पाते हैं, जिन्हें वह अपने फिटनेस रूटीन के अनुकूल मानते हैं।
नाश्ते में जल्दी तैयार होने वाला ब्रेड उनके रोज के खाने का हिस्सा नहीं है। वह ब्रेड और उससे बनने वाले कई फास्ट-फूड विकल्पों से दूरी बनाकर रखते हैं।
बर्गर जैसे फास्ट फूड भी उनकी डाइट में शामिल नहीं हैं। बाहर का ऐसा खाना स्वाद में भले ही टेस्टी लगे, लेकिन महेश बाबू अपने फिटनेस फोकस के चलते इससे दूर रहना पसंद करते हैं।
क्रीम और चीनी से भरपूर पेस्ट्री भी उनकी नियमित खाने की सूची में नहीं आती। ऐसे बेकरी आइटम से दूरी रखना उनके सीमित और नियंत्रित खानपान का हिस्सा बताया जाता है।
मीठा पूरी तरह जिंदगी से गायब नहीं है, लेकिन इसे रोज के खाने में जगह नहीं दी जाती। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह कभी-कभार मिठाई का स्वाद लेते हैं, यानी यहां भी मात्रा और नियमितता पर ध्यान है।
उनकी डाइट का एक बड़ा हिस्सा जंक फूड से दूरी पर आधारित है। बर्गर जैसे फास्ट फूड और ज्यादा मीठे बेकरी आइटम को सीमित रखना उनके फिटनेस रूटीन का हिस्सा बताया गया है।