हर्ष गोयनका ने अपने पोस्ट में बताया कि इस वक्त 1 किलो सोने की कीमत लगभग ₹1.25 करोड़ है, यानी इतने में आप भारत में एक लैंड रोवर खरीद सकते हैं। उन्होंने साल-दर-साल का तुलनात्मक विश्लेषण भी साझा किया, जो बेहद रोचक है।
उनका पोस्ट इस प्रकार था, “1990: 1 किलो सोना = मारुति 800, 2000: 1 किलो सोना = एस्टीम, 2005: 1 किलो सोना = इनोवा, 2010: 1 किलो सोना = फॉर्च्यूनर, 2019: 1 किलो सोना = BMW, 2025: 1 किलो सोना = लैंड रोवर। उन्होंने आगे लिखा 1 किलो सोना संभालकर रखो 2030 में ये रोल्स रॉयस के बराबर और 2040 में शायद प्राइवेट जेट के बराबर हो जाए!
वर्तमान में भारत में सोने की कीमतें इतिहास के उच्चतम स्तर पर हैं। हर्ष गोयनका के अनुसार, अगर यह ट्रेंड जारी रहा तो आने वाले सालों में 1 किलो सोना रोल्स रॉयस जैसी सुपर लग्जरी कार खरीदने के बराबर हो सकता है।
भारतीय बाजार में लैंड रोवर डिस्कवरी स्पोर्ट की कीमत ₹63.37 लाख (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है, जबकि डिफेंडर मॉडल की ऑन-रोड कीमत लगभग ₹1.25 करोड़ तक पहुंच जाती है यानी 1 किलो सोने के बराबर!
वहीं, रोल्स रॉयस घोस्ट सीरीज-II, जो कंपनी की एंट्री-लेवल लग्जरी सेडान है, भारत में ₹8.95 करोड़ (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है। हर्ष गोयनका के अनुसार, अगर सोने की कीमतें इसी रफ्तार से बढ़ती रहीं, तो अगले पांच वर्षों में 1 किलो सोने का मूल्य 7 गुना तक बढ़ सकता है।
गोयनका का यह पोस्ट मजाकिया अंदाज में जरूर था, लेकिन इसने एक गंभीर सवाल खड़ा किया है, क्या सोना आने वाले समय में लक्जरी कारों से भी ज्यादा “प्रॉफिटेबल एसेट” साबित होगा? अगर इतिहास गवाह है, तो शायद 2030 में “1 किलो सोना = रोल्स रॉयस” कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी!