क्या बिहार में बन सकती है मध्यावधि चुनाव की स्थिति? तेजस्वी यादव ने दिया बड़ा बयान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 21, 2020, 08:02 PM IST

बिहार में मध्यावधि चुनाव को लेकर तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यह कोई बड़ी बात नहीं होगी यदि बिहार फिर से चुनाव होता है।

क्या बिहार में बन सकती है मध्यावधि चुनाव की स्थिति? तेजस्वी यादव ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि बिहार में एक बार फिर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं। पिछले महीने ही वहां नीतीश सरकार की सत्ता में वापसी हुई है। तेजस्वी ने कहा, 'हमें हर चीज के लिए तैयार रहना होगा। यह कोई बड़ी बात नहीं होगी यदि बिहार फिर से चुनाव का अनुभव करता है और हमें इसके लिए भी तैयार रहने की आवश्यकता है।' 

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को बहुमत हासिल हुआ था। 243 में से एनडीए को जहां 125 सीटें हासिल हुईं, वहीं महागठबंधन को 110 सीटें मिलीं। आरजेडी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

बिहार चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर आज आरजेडी की समीक्षा बैठक हुई। बैठक को लेकर तेजस्वी ने फेसबुक पर लिखा, 'आज सभी नवनिर्वाचित विधायक, पार्टी प्रत्याशियों, सभी ज़िलाध्यक्ष और ज़िला प्रधान महासचिवों के साथ समीक्षा बैठक में भाग लिया। पार्टी हार के जिम्मेदार लोगों पर एक्शन लेगी। पार्टी और संगठन मजबूत होगा तो सब का भला होगा ,सब मजबूत होंगे। इसलिए सब से अपील करेंगे कि आप लोग अपने मतभेद मिटा कर पार्टी हित में काम करें। हम जनहित के मुद्दों पर चुनाव लड़ें और जनता का हमे भरपूर समर्थन और प्यार मिला। हम चुनाव लड़े ही नहीं बल्कि हम चुनाव जीते भी। एक तरफ देश के प्रधानमंत्री, भारत सरकार, प्रदेश के मुख्यमंत्री और सरकार, प्रशासनिक तंत्र के तमाम प्रयासों और असीमित संसाधनों के बावजूद जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया था।' 

तेजस्वी ने भाजपा और जदयू के गठबंधन को मजबूरी का गठबंधन बताते हुए कहा, 'यह गठबंधन कभी भी टूट सकता है और चुनाव हो सकता है। इसके लिए हमें तैयार रहना होगा।' बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए यादव ने कहा, 'हमे सभी वर्गो का वोट मिला है। कुछ सीटों पर भीतरघात के चलते हम हारे। एक-एक सीट पर चार-चार प्रत्याशी खड़े हो गए। व्यक्तिगत लाभ के लिए कुछ लोगों ने भीतरघात किया। पार्टी हित नहीं देखा। जिन सीटों पर हम जीत सकते थे वहां भी निराशा हाथ लगी। सामने के शत्रु से तो लड़ा जा सकता है, लेकिन भीतर के शत्रु से नहीं, इसलिए अगली लड़ाई के लिए सभी तैयार रहें। एकजुट रहें।' 

सूत्रों के मुताबिक राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी हार के कारण बताए। उन्होंने मतदान केंद्रों पर पोलिंग एजेंटों को समय पर नहीं पहुंचने को हार का कारण बताया। उल्लेखनीय है कि इस बैठक के पहले तेजस्वी यादव रांची गए थे और अपने पिताजी और पार्टी के प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की थी।

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