तेजस्वी ने जारी किया RJD का घोषणापत्र- 10 लाख नौकरी, कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता समेत किए ये वादे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Oct 26, 2020, 03:48 PM IST

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसमें कई बड़े-बड़े वादे किए गए हैं।

तेजस्वी ने जारी किया RJD का घोषणापत्र- 10 लाख नौकरी, कर्जमाफी, बेरोजगारी भत्ता समेत किए ये वादे
Photo Credit: ANI

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस घोषणपत्र को 'प्रण हमारा' नाम दिया गया है। पटना में पार्टी का घोषणा पत्र जारी करते हुए आरजेडी नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने कहा कि पार्टी सत्ता में आते ही अपने वादों को पूरा करने का काम करेगी। उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ संकल्प नहीं,यह प्रण हमारा है, जो कि सच होने वाला है!' पार्टी का घोषणापत्र जारी करने के अवसर पर पार्टी के राज्यसभा सांसद मनोज झा सहित कई नेता मौजूद थे।

बेरोजगारी भत्ता

घोषणा पत्र में पार्टी ने युवाओं को 10 लाख नौकरी के अपने वादे का जिक्र प्रमुखता से किया है। इसके अलावा किसानों की कर्जमाफी समेत कई बड़े वादे भी जनता से किए गए हैं। इसके अलावा पार्टी ने बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये बेरोजगारी भत्ता देने का वादा करने के अलावा सरकारी नौकरियों का फॉर्म भरने के लिए बिहार के युवाओं को आवेदन शुल्क नहीं देना होगा। नीतीश पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने कहा, 'भाजपा वाले बताएं कि उनका मुख्यमंत्री का चेहरा कौन है, नीतीश कुमार हैं? नीतीश कुमार ने तो 10 लाख नौकरियों पर ही हाथ खड़े कर दिए थे कि कहां से देंगे। तो बीजेपी कहां से देगी, नेतृत्व तो नीतीश कुमार कर रहे हैं, तो ये बेवकूफ किसे बना रहे हैं।'

बड़े -बड़े वादे

इसके अलावा तेजस्वी ने  कहा कि संविदा पर नौकरी को खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समान वेतनमान और सरकारी नौकरी के अप्लाई करने वाले युवाओं के फॉर्म शुल्क को माफ करने और उनके आने जाने की यात्रा का किराया मुफ्त में सरकार की तरफ से करने का वादा किया गया है। इसके अलावा इस घोषणापत्र में कहा गया है कि गांवों को स्मार्ट बनाया जाएगा और सीसीटीवी लगाए जाएंगे। यही नहीं राज्य में नए उद्योग लगाने के लिए कोई भी टैक्स नहीं लिया जाएगा और संविदा शिक्षकों तथा उर्दू शिक्षकों की नौकरी को परमानेंट कर दिया जाएगा।

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