ये तो हद हो गई, क्राइम शो देख कर महाराष्ट्र के 10 साल के बच्चे ने रच डाली अपने की किडनैप की कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 5, 2022, 10:55 PM IST

10 Year Old Boy Kidnapping Story: महाराष्ट्र के दस साल के बच्चे का शातिर दिमाग देख पुलिस भी चकरा गई है। बच्चे ने स्कूल से बंक मारा, घर वाले डांटें न इसलिए अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। असलियत सामने आने पर पुलिस भी हैरान रह गई।

ये तो हद हो गई, क्राइम शो देख कर महाराष्ट्र के 10 साल के बच्चे ने रच डाली अपने की किडनैप की कहानी

Maharashtra Kidnap False Story: महाराष्ट्र से एक ऐसी हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसने भी पढ़ा वही चौंक गया। हर कोई बस यही कह रहा था कि क्या 10 साल का बच्चा ऐसा कर सकता है। लेकिन यह सच है। चंद्रपुर में 10 साल के एक बच्चे ने स्कूल से बंक मारा। इसके बाद घर पर मां से डांट ना पड़े इस लिए उसने खुद के ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। पुलिस पूछताछ में बच्चे ने खुलासा किया कि उसने टीवी पर क्राइम शो देखकर यह प्लान बनाया था। पूछताछ में बच्चे ने बताया कि एक गाड़ी वाले से उसका अपहरण किया। लेकिन वह मौका पाते ही उससे बचकर भाग गया। 

वह सीधे अपने घर पहुंचा उसने अपने मां-बाप को यह जानकारी दी। बच्चे के बात सुनते ही परिजनों के होश उड़ गए। परिजनों ने तुरंत पुलिस को यह जानकारी दी। पुलिस ने बच्चे की बताई गाड़ी की तलाश शुरू की। 

बच्चे ने स्कूल से मारा था बंक

पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन उसमें कुछ भी पुलिस के हाथ नहीं लगा। इस पर पुलिस ने बच्चे को विश्वास में लेकर फिर से पूछताछ की। इस बार बच्चे ने सारा राज उगल दिया। बच्चे ने स्कूल से बंक मारा था। घर डांट ने पड़े, इसलिए उसने अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। पुलिस पूछताछ में बच्चे ने बताया कि, वह टीवी पर क्राइम शो देखता था। यहीं से उसके मन में यह प्लान सूझा और उसने यह कहानी बना डाली।

बच्चे को विश्वास में लेकर की पूछताछ तो खुला मामला

पुलिस अधिकारी महेश कोंडावार के अनुसार, बच्चे के माता-पिता ने पुलिस को जानकारी दी कि उनका बच्चा सुबह के समय स्कूल जा रहा था। इसी दौरान एक सफेद रंग की गाड़ी वहां आई, उससे दो लोग उतरे और बच्चे को उठाकर ले गए। रास्ते में जैसे ही कार धीरे हुई बच्चा मौका पाकर कूद गया। इसके बाद सीधा भागकर घर पहुंचा। पुलिस ने भी 10 साल के बच्चे की बात पर यकीन किया। शहर पर लगे सीसीटीवी की जांच कराई। फुटेज में कोई सफेद गाड़ी नहीं दिखाई दी। ना ही कोई लोग फुटेज में दिखे। इस पर पुलिस को बच्चे पर शक हुआ। पुलिस ने बच्चे को विश्वास में लिया और पूछताछ की तो सारा मामला खुल गया। 

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