Farmer Package: महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी घोषणा, 600 करोड़ के पैकेज का ऐलान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 22, 2022, 10:26 PM IST

Farmer Package: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने विधानसभा में ऐलान करते हुए धान उत्पादक किसानों के लिए 600 करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है। बताया गया है कि सरकारी पैसा डायरेक्ट खातों में पहुंचेगा।

Farmer Package: महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ी घोषणा, 600 करोड़ के पैकेज का ऐलान

Farmer Package: महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशखबरी है। सूबे के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने विधानसभा में धान उत्पादकों के लिए 600 करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धान उत्पादकों को बोनस देने की बजाय डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पैसा देने पर विचार कर रही है। दरअसल ऐलान से पहले विपक्ष ने विधानसभा में धान उत्पादकों का मुद्दा उठाया।

इस दौरान सुधीर मुनगंटीवार ने मांग करते हुए कहा कि धान उत्पादकों को बोनस दिया जाए। उन्होंने कहा कि छोटे किसानों की मदद की जानी चाहिए। जिसके बाद अजीत पवार ने कहा कि हम धान उत्पादकों को बोनस नहीं देंगे क्योंकि वह मदद किसानों तक नहीं पहुंच पाती है। इसके लिए दलाल चार्ज करते हैं। हम प्रति एकड़ कुछ मदद देने की कोशिश करेंगे। डिप्टी सीएम अजित पवार ने आगे कहा कि दूसरे राज्यों में किस तरह की व्यवस्था चल रही है पहले वे इसकी स्टडी करेंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के किसानों की वहां की सरकारें किस तरह से मदद पहुंचाती हैं इस पर शोध किया जाएगा। अजित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा बोनस शुरू करने के बाद पड़ोस के राज्यों के किसानों का माल राज्य में पहुंचता है और उन राज्यों के किसान भी बोनस मांगते हैं। किसानों के नाम पर दिया जाने वाला बोनस किसानों तक नहीं पहुंचता है।

घोटाला कर उड़ा ले जाते हैं दलाल  

अजित पवार ने कहा कि शिकायतें मिली हैं कि बोनस का बड़ा हिस्सा व्यापारी और दलाल घोटाला कर के उड़ा ले जाते हैं। सरकार अब यह विचार कर रही है कि धान उत्पादक किसानों को जो प्रति एकड़ मदद पहुंचाई जाएगी, वो सीधे उन तक कैसे पहुंचे। किसानों के मोबाइल पर ई-फसल सर्वेक्षण दर्ज बता दें कि विधानसभा में 600 करोड़ के पैकेज के ऐलान के बीच राज्य में किसानों को मोबाइल पर ई-फसल सर्वेक्षण दर्ज करने के लिए दूसरा विस्तार दिया गया है। अब 31 मार्च तक फसल निरीक्षण का पंजीयन किया जा सकेगा। हालांकि इसके बाद इसे दोबारा नहीं बढ़ाया जाएगा। क्योंकि ज्यादातर इलाकों में कटाई शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने अपील की है कि रजिस्ट्रेशन में कोई दिक्कत होने पर तलाठी से संपर्क करें।

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