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World Thrift Day: कपड़ों को थ्रिफ्ट करने का चला है नया Gen Z ट्रेंड, जान लें क्या होता है ये और क्यों पुराने कपड़े खरीद-खरीदकर पहन रही दुनिया

World Thrift Day (वर्ल्ड थ्रिफ्ट डे 2025): आज विश्व थ्रिफ्ट डे है, इस दिन को फैशन जगत में बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है। वहीं इसका प्रकृति और पैसों के बचाव से भी गहरा संबंध है। अगर आप अभी तक नहीं जानते कि, थ्रिफ्ट करना क्या होता है और ये क्यों अनिवार्य है। तो ये खबर आपके काम की हो सकती है।

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World Thrift Day 2025

World Thrift Day (वर्ल्ड थ्रिफ्ट डे 2025): आज कल के बदलते फैशन वाले दौर में कपड़ों को थ्रिफ्ट करने का नया ट्रेंड शुरु हुआ है। आपने भी अपने आस पास कई सारे थ्रिफ्ट स्टोर्स देखें होंगे। लेकिन अगर आपको नहीं पता कि आखिर थ्रिफ्टिंग होती क्या है - तो ये खबर आपके काम की है। बता दें कि, आज वैश्विक स्तर पर थ्रिफ्ट दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 30 अक्टूबर को दुनिया भर में थ्रिफ्ट डे या फिर मितव्ययिता दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य फैशन जगत से हो रहे प्राकृतिक नुकसान को नियंत्रित करना तो पैसों की बचत करना है। यहां देखें आखिर क्या होता है थ्रिफ्ट और फैशन वाली दुनिया में इसका महत्व क्या है।

थ्रिफ्टिंग क्या होती

थ्रिफ्ट करने का सीधा-साधा अर्थ है संसाधनों का सही और समझदारी से उपयोग करना, फिजूलखर्ची से बचना और बचत की आदत को अपनाना। यह सिर्फ पैसे तक ही सीमित नहीं, बल्कि हमारे समय, ऊर्जा और प्राकृतिक संसाधनों के लिए भी उतनी ही जरूरी है।

कपड़ों की थ्रिफ्टिंग

आज के 'फास्ट फैशन' यानी तेजी से बदलने वाले फैशन के दौर में, कपड़ों को थ्रिफ्ट करने की भावना और भी जरूरी हो गई है। कपड़ों की थ्रिफ्टिंग का अर्थ होता है, अपने पुराने या कम या बिल्कुल न पहने हुए कपड़ों को किसी थ्रिफ्ट स्टोर को दे देना। ताकि वहां उन्हें कम पैसों में वो लोग खरीद सकें, जिन्हें उसकी जरूरत हो।

बेशक ही हर किसी की अलमारी में ऐसे कपड़े होते हैं, जिन्हें वे नहीं पहनते। नए के नए कपड़े भी बिना यूज के रह जाते हैं। ऐसे में थ्रिफ्टिंग काम आती है।

क्यों है जरूरी

सस्टेनेबल फैशन को बढ़ावा

थ्रिफ्टिंग हमें कम कीमत और कम गुणवत्ता वाले कपड़े बार-बार खरीदने के बजाय, टिकाऊ और अच्छी क्वालिटी के कपड़े खरीदने के लिए प्रेरित करती है। इससे कपड़ों का जीवनकाल बढ़ता है और कचरा कम होता है।

दोबारा स्टाइल करना

एक ही कपड़े को अलग-अलग तरीके से स्टाइल करके नया लुक देना थ्रिफ्टिंग का एक बेहतरीन उदाहरण है। इससे नए कपड़े खरीदने की जरूरत कम होती है।

ट्रेंड बन रहा

इस तरह से कपड़ों को स्वैप करना या थ्रिफ्ट करना आज कल का ट्रेंड बनता जा रहा है। जिससे पैसों की और संसाधनों की बचत होती है।

वर्ल्ड थ्रिफ्ट डे याद दिलाता है कि, कैसे असली स्टाइल की पहचान कीमती ब्रांड्स के कपड़े नहीं, बल्कि एक स्मार्ट और जिम्मेदार फैशन चॉइस है।

Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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