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स्लिम बॉडी होने पर भी हो सकता है NAFLD, दुबले-पतले लोगों क्यों बढ़ रहा फैटी लिवर, हैरान कर देगी वजह

Why Thin People Get Fatty Liver NAFLD In Hindi: आमतौर पर फैटी लिवर को मोटापे से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन अब डॉक्टरों का कहना है कि दुबले-पतले लोगों में भी NAFLD यानी नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। आखिर स्लिम बॉडी होने के बावजूद लिवर में फैट क्यों जमा हो जाता है? इसके पीछे जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल और खान-पान जैसी कई वजहें हो सकती हैं। जानिए डॉक्टर क्या कहते हैं और इसे कैसे कंट्रोल किया जा सकता है।

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दुबले-पतले लोगों का भी लिवर क्यों हो रहा फैटी

Why Thin People Get Fatty Liver NAFLD In Hindi: जब भी फैटी लिवर की बात होती है तो आमतौर पर दिमाग में मोटापा या बढ़ा हुआ वजन ही आता है। ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि जो लोग दुबले-पतले होते हैं, उन्हें फैटी लिवर जैसी समस्या नहीं होती। लेकिन हाल की मेडिकल रिपोर्ट्स और डॉक्टरों के अनुसार यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। आजकल कई ऐसे लोग भी नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) से जूझ रहे हैं जिनका वजन सामान्य या कम होता है। यानी बाहर से फिट दिखने वाला व्यक्ति भी अंदर से इस समस्या का शिकार हो सकता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इसके पीछे लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स और शरीर में फैट के जमा होने का तरीका अहम भूमिका निभाता है।

दुबले-पतले लोगों में भी क्यों हो रहा फैटी लिवर

डॉक्टरों के अनुसार फैटी लिवर केवल मोटापे से ही नहीं जुड़ा होता। कई बार शरीर का वजन सामान्य होने के बावजूद लिवर में फैट जमा हो सकता है। इसे मेडिकल भाषा में Lean NAFLD कहा जाता है। इसमें व्यक्ति बाहर से पतला दिखता है लेकिन शरीर के अंदर, खासकर लिवर के आसपास, फैट जमा होने लगता है। यही वजह है कि कई लोग बिना मोटे हुए भी इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं।

जेनेटिक फैक्टर भी हो सकता है बड़ी वजह

विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ लोगों में यह समस्या जेनेटिक कारणों से भी हो सकती है। अगर परिवार में पहले से लिवर से जुड़ी बीमारियां रही हैं तो दुबले-पतले लोगों में भी NAFLD का खतरा बढ़ सकता है। शरीर की बनावट और मेटाबॉलिज्म का तरीका भी इसमें अहम भूमिका निभाता है। इसलिए केवल वजन देखकर यह मान लेना कि लिवर बिल्कुल स्वस्थ है, सही नहीं माना जाता।

खराब लाइफस्टाइल बढ़ा सकती है खतरा

आजकल की लाइफस्टाइल भी इस समस्या के पीछे एक बड़ा कारण मानी जा रही है। लंबे समय तक बैठकर काम करना, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, जंक फूड का ज्यादा सेवन और अनियमित दिनचर्या लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकती है। भले ही वजन ज्यादा न बढ़े, लेकिन शरीर के अंदर फैट का असंतुलन लिवर को प्रभावित कर सकता है।

शुगर और प्रोसेस्ड फूड का असर

डॉक्टर बताते हैं कि ज्यादा मीठा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और प्रोसेस्ड फूड खाने से भी फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है। कई दुबले लोग यह सोचकर खान-पान पर ध्यान नहीं देते कि उनका वजन नहीं बढ़ रहा। लेकिन बार-बार मीठे पेय, पैकेज्ड फूड और हाई-कैलोरी डाइट लेने से लिवर पर धीरे-धीरे असर पड़ने लगता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव से मिल सकता है फायदा

अच्छी बात यह है कि शुरुआती स्टेज में फैटी लिवर को लाइफस्टाइल में सुधार करके काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, कम चीनी और हेल्दी फैट वाला खाना लिवर को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा डॉक्टर समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने की भी सलाह देते हैं ताकि समस्या को शुरुआत में ही पकड़ा जा सके।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीत author

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विष... और देखें

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