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दिवाली पर सूरन की सब्जी क्यों बनाते हैं, कैसे बनती है सूरन की सबजी, यहां देखें Suran Ki Sabzi Recipe

जब सूरन को जमीन के अंदर से काटा जाता है, तो इसका एक छोटा हिस्सा या जड़ वहीं रह जाती है, जिससे वह दोबारा उग जाता है। यह बहुत जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक फलता-फूलता रहता है।

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दिवाली पर क्यों बनाई जाती है सूरन की सब्जी (Photo: iStock)

दीपावली का त्योहार भारत में बहुत धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस खास अवसर पर घरों में तरह-तरह के पकवान, मिठाइयां और पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। हर संस्कृति और परिवार की अपनी कुछ खास परंपराएं होती हैं, जिनके तहत कुछ विशेष चीजें बनाना शुभ माना जाता है। ऐसा ही एक खास रिवाज है दिवाली के दिन सूरन यानी जिमीकंद की सब्जी बनाना।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों में दीवाली पर सूरन की सब्जी विशेष रूप से बनाई जाती है, लेकिन बहुत से लोग इसके पीछे की असली वजह नहीं जानते हैं। आइए जानते हैं कि दिवाली पर सूरन खाने की परंपरा क्यों है और इसे बनाने का सही तरीका क्या है।

दिवाली पर क्यों खाते हैं सूरन की सब्जी?

हिंदू परंपराओं के अनुसार सूरन या जिमीकंद को सुख-समृद्धि और बरकत का प्रतीक माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस सब्जी को त्योहार के दिन घर में बनाने और खाने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और घर में कभी धन-धान्य की कमी नहीं होती है।

इसके पीछे एक वैज्ञानिक और प्राकृतिक कारण भी है। जब जिमीकंद को जमीन के अंदर से काटा जाता है, तो इसका एक छोटा हिस्सा या जड़ वहीं रह जाती है, जिससे वह दोबारा उग जाता है। यह बहुत जल्दी खराब नहीं होता और लंबे समय तक फलता-फूलता रहता है।

इसी विशेषता के कारण इसे वंश वृद्धि और स्थायी समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कई उत्तर भारतीय और बिहारी संस्कृति में इसे दिवाली के दिन खाने की बेहद पुरानी परंपरा है।

सूरन की सब्जी कैसे बनाएं

इस पारंपरिक और स्वादिष्ट सब्जी को बनाने के लिए आपको कुछ बुनियादी चीजों की जरूरत होगी। मुख्य सामग्री के रूप में आधा किलो सूरन, बारीक कटा हुआ प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट, टमाटर की प्यूरी, जीरा, तेजपत्ता, सूखी लाल मिर्च, हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, स्वादानुसार नमक और पकाने के लिए सरसों या रिफाइंड तेल की आवश्यकता होती है। सूरन काटते समय हाथों में थोड़ा सा तेल लगा लेना चाहिए ताकि इसमें होने वाली खुजली से बचाव हो सके।

सूरन की सब्जी बनाने की रेसिपी

सूरन की स्वादिष्ट सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले जिमीकंद के छिलके उतारकर उसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। इसके बाद इन टुकड़ों पर थोड़ा सा नमक और नींबू का रस लगाकर लगभग आधे घंटे के लिए रख दें, ताकि इसका कड़वापन और खुजलाहट पूरी तरह निकल जाए। तय समय के बाद इसे पानी से अच्छी तरह धोकर एक तरफ रख लें। अब एक कढ़ाई में तेल गर्म करें और सूरन के टुकड़ों को हल्का सुनहरा होने तक तल कर बाहर निकाल लें।

मसाला तैयार करने और पकाने का तरीका

अब उसी कढ़ाई में थोड़ा सा तेल और डालकर उसमें जीरा, तेजपत्ता और लाल मिर्च का तड़का लगाएं। इसके बाद इसमें बारीक कटा हुआ प्याज और अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर अच्छी तरह भून लें। जब मसाले से तेल अलग होने लगे, तब इसमें टमाटर की प्यूरी, हल्दी, धनिया और लाल मिर्च पाउडर डालें।

मसालों को मध्यम आंच पर तब तक पकाएं जब तक वे तेल न छोड़ दें। इसके बाद इसमें तले हुए सूरन के टुकड़े मिलाएं और आवश्यकतानुसार पानी डालकर ढक दें। धीमी आंच पर पकने के बाद जब सूरन पूरी तरह नरम हो जाए, तो ऊपर से गरम मसाला और बारीक कटा हुआ हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें। तैयार है आपकी पारंपरिक और स्वादिष्ट सूरन की सब्जी।

Suneet Singh
सुनीत सिंहauthor

सुनीत सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में डिप्टी न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन में स्पेशल स्टोरीज प्रोजेक्ट का नेतृत्व कर रहे हैं। टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों के अनुभव के साथ, सुनीत उन बहुमुखी पत्रकारों में शामिल हैं जिन्होंने न्यूजरूम और फील्ड—दोनों मोर्चों पर खुद को साबित किया है। माइक, कैमरा और एडिटिंग डेस्क तीनों से उनकी सहज जुगलबंदी ने उन्हें एक संतुलित और विश्वसनीय मीडिया प्रोफेशनल के रूप में स्थापित किया है। पिछले 10 वर्षों से सुनीत लाइफस्टाइल, लिटरेचर, सिनेमा और संस्कृति से जुड़ी गहन व विश्लेषणात्मक स्टोरीज लिखते रहे हैं और अबतक 12,000 से अधिक आर्टिकल पब्लिश कर चुके हैं। उनकी लेखन शैली गहराई, मौलिक दृष्टिकोण और रिसर्च-आधारित प्रस्तुति से पहचानी जाती है। वे विषयों की बारीकियों को पकड़कर उन्हें सरल, प्रभावी और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में ढालने में दक्ष हैं।

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