Hanuman Puja 2026 date before Diwali: दिवाली का त्योहार आते ही घरों में दीप जलने लगते हैं और पूजा-पाठ की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दिवाली से ठीक पहले हनुमान जी की पूजा करने की भी परंपरा है? कई जगहों पर छोटी दिवाली और काली चौदस के अवसर पर बजरंगबली की विशेष पूजा की जाती है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने से जीवन से नकारात्मकता दूर होती है और भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि 2026 में दिवाली से पहले हनुमान पूजा कब की जाएगी, तो आइए जानते हैं इसकी तारीख, धार्मिक महत्व और पूजा से जुड़ी खास बातें।
2026 में दिवाली से पहले हनुमान पूजा कब है
साल 2026 में दिवाली 8 नवंबर, रविवार को मनाई जाएगी। इससे एक दिन पहले यानी 7 नवंबर को काली चौदस की परंपरा के अनुसार हनुमान जी की पूजा की जा सकती है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी यानी नरक चतुर्दशी के दिन भी हनुमान जी की विशेष पूजा होती है।
इस साल कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी तिथि 7 नवंबर को सुबह 10 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। इसलिए अलग-अलग क्षेत्रीय परंपराओं के अनुसार पूजा की तारीख में अंतर देखने को मिल सकता है।
दिवाली से पहले क्यों होती है हनुमान जी की पूजा
दिवाली से पहले हनुमान जी की पूजा करने के पीछे कई धार्मिक मान्यताएं हैं। काली चौदस के दिन विशेष रूप से नकारात्मक शक्तियों से रक्षा के लिए हनुमान जी का स्मरण किया जाता है। उन्हें संकटमोचन कहा जाता है। भक्तों का विश्वास है कि उनकी आराधना से भय, संकट और जीवन की परेशानियों से लड़ने की शक्ति मिलती है।
हनुमान जी को भगवान श्रीराम का सबसे बड़ा भक्त माना जाता है। दिवाली का पर्व भी भगवान राम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है। ऐसे में रामभक्त हनुमान की पूजा का अपना विशेष महत्व है।
हनुमान पूजा में क्या चढ़ाना चाहिए
हनुमान जी की पूजा में सिंदूर और चमेली के तेल का विशेष महत्व माना जाता है। भक्त उन्हें लाल फूल, गुड़-चने और बूंदी का प्रसाद अर्पित करते हैं। इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान बजरंगबली के सामने दीपक जलाएं और अपनी परेशानियों से मुक्ति की प्रार्थना करें।
हनुमान जी की पूजा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
- पूजा के समय मन को शांत और विचारों को सकारात्मक रखें।
- हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सकते हैं।
- जरूरतमंद लोगों को भोजन या अपनी क्षमता के अनुसार दान दें।
- पूजा में साफ-सफाई और सात्विकता का ध्यान रखें।
दिवाली रोशनी और खुशियों का पर्व है। ऐसे में हनुमान जी की आराधना के साथ इस त्योहार की शुरुआत करना भक्तों के लिए आस्था और विश्वास का खास अवसर बन जाता है।
